निकाह के महज सात महीने बाद ही दो सगी बहनों ने अपने पतियों से अलग रहने का फैसला किया है। दोनों बहनों की शादी एक ही घर में सगे भाइयों से हुई थी। आरोप है कि पति, सास, ससुर समेत अन्य ससुराली उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे।
वहीं, दूसरे पक्ष के लोगों का कहना है कि उनकी पत्नियां कोई काम नहीं करती हैं और घंटों फोन पर बात करती हैं। अगर वह ठीक से रहें तो हमें उनके साथ रहने में कोई दिक्कत नहीं है। महिला थाने की पुलिस के समझाने के बाद भी विवाहिता नहीं मानीं और अलग होने की जिद करती रहीं। जिसके बाद पुलिस ने एक-दूसरे के सामान को वापस कराया।
फतेहपुर जिले के खखरेरु गांव के मो. हारून की दो बेटियां तौहीदा व तैयबा का निकाह सात माह पूर्व सिराथू नगर पंचायत के अंसार अहमद के बेटे जुबेर अहमद व शोएब अहमद के साथ हुआ था। निकाह के बाद दोनों बहनें की ससुरालियों से पट नहीं रही थी। इस दौरान रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई हल नहीं निकला। मामला महिला थाने पहुंचा। दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया गया।
एसओ नीलम राघव ने महिला आरक्षी विद्या यादव के साथ बैठकर दोनों पक्ष से बात की। पीड़िता पक्ष का आरोप है कि निकाह के बाद दोनों के पति, सास, ससुर नंद आए दिन दहेज के लिए प्रताड़ित करते है। जबकि दूसरे पक्ष का आरोप था कि दोनों बहनें घर का कोई काम नहीं करती हैं। अक्सर फोन पर घंटों बात करती हैं। अगर ठीक से रहें तो वह साथ रखने के लिए तैयार हैं।
महिला पुलिस के लाख समझाने के बाद दोनों बहनों ने जान का खतरा बताते हुए साथ रहने से मना कर दिया। अंत में दोनों पक्षों ने अलग होने का फैसला किया। एसओ नीलम राघव का कहना है कि कभी-कभी न समझी व मामूली बात से रिश्ते बिखर जाते हैं।