जिससे मांगी मदद, वहीं ले भागा मोबाइल
पुलिस के एक अफसर ने बताया दीक्षा ने अपने बयान में कहा जब उस पर एसिड अटैक हुआ तो वह गाड़ी से गिर पड़ीं। शरीर में बेतहाशा जलन हो रही थी। घटना के बाद आरोपी भाग निकले थे। स्थानीय लोग व राहगीर मौके पर पहुंचे। प्रबंधक ने भीड़ में खड़े किसी व्यक्ति को अपना पर्स देते हुए पुलिस को फोन करने के लिए कहा। इसके बाद जिसे पर्स दिया था वह भाग निकला। ऐसे में साफ है हमलावरों का इरादा दीक्षा से लूट का नहीं था। अगर वह ऐसा करना चाहते तो पर्स छीन ले जाते, सिर्फ अटैक किया गया है। पुलिस ने इस मामले में पर्स चोरी का मुकदमा दर्ज किया है।
बैंक व पड़ोसी के विवाद का भी एंगल
शाखा प्रबंधक दीक्षा सोनकर का पिछले दिनों बैंक के कुछ ग्राहकों से भी कहासुनी हुई थी। इसके अलावा उसका पड़ोस के कुछ लोगों से भी विवाद था। पुलिस इस दिशा में भी काम कर रही है। फिलहाल दीक्षा की हालत अस्पताल में ठीक है।