मंझनपुर। किसानों की धान की फसल पिछड़ रही है। पानी नहीं होने से किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। लंबे समय से किसान अधिकारियों से पानी की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी अब तक निचली गंगा और राम गंगा नहर में पानी नहीं पहुंचा। किसान पानी नहीं मिलने पर अब धरना-प्रदर्शन के लिए तैयार है।
जिले में रामगंगा व निचली गंगा नहर से मंझनपुर, सिराथू, चायल और नेवादा के आंशिक्षक क्षेत्र में सिंचाई होती है। गर्मी के दिनों में 15 जून के करीब निचली गंगा नहर में तीन दिन के लिए पानी छोड़ा गया। इसके बाद से न तो निचली गंगा नहर में पानी आया और न ही राम गंगा नहर में पानी आया। इसके कारण किसानों को पानी नहीं मिला।
जिन किसानों के पास निजी सिंचाई की सुविधा थी, उन्होंने किसी तरह धान की बेहन कर ली। अन्य किसान पानी का इंतजार करते रहे। बाद में उन्होंने भी किराये के पानी से अपनी बेहन तैयार कर ली। अब धान की रोपाई होनी है। रोपाई का अंतिम समय चल रहा है। इसके बाद भी नहर में पानी नहीं आया।
भाकियू नेता नूरुल इस्लाम ने बताया कि नहर में पानी छोड़ जाने की मांग लंबे समय से हो रही है। जुलाई से सिंचाई विभाग ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया। उदहिन के किसान रामराज सरोज का कहना है कि नहर में पानी नहीं आने से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। वहीं किसान रघुराज ने बताया कि लंबे समय से हम लोग पानी की मांग कर रहे हैं लेकिन नहर में पानी नहीं आ रहा है।
आलम यह है कि दो बीघा खेत गांव के निकट होने के कारण किसी तरह रोपाई हो गई है लेकिन अन्य खेत खाली पड़े हैं।
बिजली कटौती ने बढ़ा दी समस्या
जिन किसानों के पास स्वयं की सिंचाई सुविधा नहीं है, वह परेशान हैं। जिनके पास सुविधा है उनकी रोपाई कार्य भी प्रभावित है। किसान नेता अजय सोनी ने बताया कि बिजली कटौती से परेशानी और बढ़ गई है। बिजली कब आ रही है और कब जाएगी इसकी जानकारी नहीं है। अचानक कभी लो वोल्टेज हो जाता है तो कभी दो फेस की ही आपूर्ति होती है। इसके कारण किसानों की धान रोपाई प्रभावित है।
किसानों को सुविधा मिलेगी, यह केवल सरकारी विभाग के दस्तावेज में ही देखने को मिलता है। यहां किसान पानी के लिए परेशान है। गर्मी के बाद से नहर में पानी नहीं पहुंचा। धान की बेहन की कटाई करने के बाद अब पानी का इंतजार कर रहे हैं। एक दो दिन में पानी नहीं मिला तो बेहन सूख जाएगाी। -राजाराम सिंह, किसान
-पानी के लिए कई बार अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया। इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। बिजली भी नहीं आती। जब सब स्टेशन में जाते हैं तो वहां कोई सुनने वाला नहीं है। वहां जाने के बाद भी कुछ समाधान नहीं होता। - सुमित तिवारी, किसान
15 जून के बाद से पंप खराब हो गए थे। इन दिनों पांच पंप चल रहे हैं। कुछ पानी रामगंगा कमांड से भी मिला है। अभी जिले से 12 किमी पानी दूर है। तीन दिन के अंदर पानी कौशाम्बी में पहुंच जाएगा। - गरुणदेव, अवर अभियंता निचली गंगा नहर, फतेहपुर-कौशाम्बी
सिराथू तहसील की रामगंगा कमांड की नहर। संवाद
सिराथू तहसील की रामगंगा कमांड की नहर। संवाद