बदलते मौसम के साथ सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में मरीज अब एलोपैथिक इलाज के बजाय होम्योपैथिक की ओर रुख कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के आयुष विंग में रोजाना 40 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
आयुष विंग के चिकित्सकों के अनुसार मौसम में अचानक बदलाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इसी कारण वायरल संक्रमण, खांसी-जुकाम और सांस संबंधी समस्याएं तेजी से फैलती हैं। डॉ. आरके शर्मा का कहना है कि होम्योपैथिक दवाएं इन रोगों में कारगर साबित हो रही हैं और इनके साइड इफेक्ट भी बेहद कम हैं, जिससे मरीजों का भरोसा इस पद्धति पर बढ़ रहा है। करारी की उर्मिला और मंझनपुर के निहाल अहमद व रामरूप का कहना है कि होम्योपैथिक इलाज से उन्हें राहत मिल रही है और दवाएं लेने में भी आसानी रहती है। चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि मौसम बदलने के दौरान सावधानी बरतें, ठंडे पेय पदार्थों से बचें और खानपान का विशेष ध्यान रखें।