प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत जनपद की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में पहल तेज हो गई है। योजना के अंतर्गत विभिन्न समूहों की इच्छुक महिलाओं का चयन कर खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योग स्थापित करने की तैयारी की जा रही है।
चयनित लाभार्थियों में गणेश आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह की सविता देवी, दीपक आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह की कुसुम देवी, जय मां आनंदी महिला स्वयं सहायता समूह की मुन्नी देवी, अनमोल महिला स्वयं सहायता समूह की सनीता देवी, खुशी महिला स्वयं सहायता समूह की माधुरी, जय माता दी महिला स्वयं सहायता समूह की सुधा चौरसिया, मंदाकिनी महिला स्वयं सहायता समूह की गीता देवी और अन्य सदस्य शामिल हैं।
इन महिलाओं की तरफ से चिप्स और नमकीन प्लांट, आटा चक्की, फुली ऑटोमेटिक मसाला प्लांट विद पैकेजिंग मशीन, डेयरी एवं मिल्क प्लांट, फास्ट फूड, नूडल्स निर्माण और मसाला उत्पादन जैसी इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है।
योजना के तहत लाभार्थियों को बैंक ऋण और अनुदान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ महिलाओं को रोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त होंगे।
वर्तमान में आठ स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का चयन किया गया है। अब चयनित लाभार्थियों को बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। - प्रमोद कुमार सिंह, उद्यान निरीक्षक