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Kaushambi News: पीढ़ियों से अनेठा गांव में चल रहा सिरके का कारोबार

Fri, 27 Mar 2026 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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अनेठी गांव में कारोबारी के घर में घड़े व जर्किन में सिरका बनने के लिए रखा हुआ गन्ने का रस। संवा
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जिले के सिराथू ब्लॉक का अनेठा गांव आज सिरके के पारंपरिक कारोबार के लिए दूर-दूर तक पहचान बना चुका है। गांव के करीब 200 परिवार घरों में लोग गन्ने के रस से सिरका तैयार कर रहे हैं। यह काम यहां तीन पीढ़ियों से लगातार चलता आ रहा है।
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अनेठा में तैयार सिरका न केवल जिले बल्कि प्रदेश के कई शहरों और अन्य राज्यों तक पहुंचता है। कारोबारियों के अनुसार गांव में फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में गन्ने के ताजे रस को जर्किन या मिट्टी के घड़ों में भरकर बंद कमरे में रख दिया जाता है।
करीब चार महीने बाद यही रस प्राकृतिक प्रक्रिया से सिरके में बदल जाता है। पारंपरिक तरीके से तैयार होने के कारण इसकी गुणवत्ता अच्छी मानी जाती है, इसलिए व्यापारी इसे खरीदने के लिए दूर-दूर से पहुंचते हैं।
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करीब 15 वर्षों से सिरके के कारोबार से जुड़े हैं। बड़ी मात्रा में गन्ने के रस से सिरका तैयार किया जाता है और 40 से 50 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेचा जाता है। जिले के साथ-साथ बाहर के व्यापारी भी यहां से सिरका खरीदते हैं। - दिनेश सोनकर, मोगरी कटरा
30 साल से हमारे घर में कारोबार हो रहा है। गन्ने के रस को जर्किन में भरकर कई महीनों तक बंद कमरे में रखा जाता है, जिसके बाद वह धीरे-धीरे सिरके में बदल जाता है। इसी पारंपरिक तरीके से वर्षों से परिवार का गुजारा चल रहा है। -अनीता देवी, अनेठा
परिवार में तीन पीढ़ियों से सिरके का कारोबार होता चला आ रहा है। गांव में करीब 200 परिवार इस काम से जुड़े हुए हैं। यहां तैयार सिरका लेने के लिए जिले के अलावा रायबरेली, प्रयागराज, कुंडा समेत प्रदेश के कई हिस्सों से व्यापारी आते हैं। - अजय सोनी, अनेठा
- सिरके की गुणवत्ता और बेहतर करने के लिए पहले शुद्ध गन्ने के रस को घड़े में भरकर बंद कमरे में रख दिया जाता है। करीब चार महीने तक इसे वैसे ही रहने दिया जाता है। इस दौरान घड़ा रस में मौजूद अतिरिक्त पानी को सोख लेता है। -शारदा प्रसाद, अनेठा

अनेठी गांव में कारोबारी के घर में घड़े व जर्किन में सिरका बनने के लिए रखा हुआ गन्ने का रस। संवा

अनेठी गांव में कारोबारी के घर में घड़े व जर्किन में सिरका बनने के लिए रखा हुआ गन्ने का रस। संवा

अनेठी गांव में कारोबारी के घर में घड़े व जर्किन में सिरका बनने के लिए रखा हुआ गन्ने का रस। संवा

अनेठी गांव में कारोबारी के घर में घड़े व जर्किन में सिरका बनने के लिए रखा हुआ गन्ने का रस। संवा

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