मंझनपुर। अशांति फैलाने के आरोपी बनाए जाने से अढ़ौली गांव के लोगों में हिनौता पुलिस चौकी के प्रभारी के खिलाफ आक्रोश है। सोमवार को गांववालों ने चौकी प्रभारी के खिलाफ मंझनपुर आकर एसपी कार्यालय का घेराव भी किया। मनमानी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने एसपी से शिकायत की। पुलिस अधीक्षक ने सीओ से प्रकरण की जांच कराने का भरोसा गांववालों को दिलाया है।
बता दें कि महेवाघाट कोतवाली क्षेत्र के अढ़ौली गांव में मोहर्रम के मौके पर दो नवंबर 2014 को अकीदतमंद जुलूस निकालकर मातम कर रहे थे। हिनौता पुलिस चौकी के इंचार्ज संजय गुप्ता का आरोप है कि तभी करीब 20-25 ग्रामीणों ने वहां पहुंचकर उपद्रव करने की कोशिश की थी। इस मामले में उन्होंने गांव के राम अभिलाष, शेष नारायण, भानु प्रताप, कमलेश पासी, राकेश पासी, गंगेश पांडेय, मुर्दा पासी, दीपू शुक्ला, राजा सिंह, राजू सिंह, शिव सिंह, सूर्यभान, पृथ्वीपाल, अभिमन्यु, विजय नारायण, ज्ञान सिंह यादव, रामरूप, कल्याण सिंह, अंबुज यादव, सुरेंद्र प्रताप, राम खेलावन, अमृतलाल, छोटा लोध आदि के खिलाफ महेवाघाट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
चौकी प्रभारी की इस कार्रवाई से गांववालों में गुस्सा है। आरोप है कि झूठा आरोप लगाकर ग्रामीणों को नामजद किया गया है। इसके खिलाफ सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। चौकी प्रभारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। किसी उच्चाधिकारी से प्रकरण की जांच कराकर फर्जी मुकदमे से निजात दिलाने की मांग की है। पुलिस अधीक्षक ने प्रकरण की जांच सीओ से कराने का भरोसा गांववालों को देकर उन्हें शांत कराया।