चरवा (कौशाम्बी)। छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान चंद्रमणि के गांव में रविवार को मातम पसरा रहा। गांव के लोग शहीद के दरवाजे पर बैठकक पूरे दिन पार्थिव शरीर के आने का इंतजार करते रहे। वहीं पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाने को दिनभर नेताओं के आने का भी सिलसिला जारी रहा। सांसद समेत तमाम नेताओं ने आकर शहीद के बूढ़े मां-बाप को सांत्वना दी।
बता दें कि कौशाम्बी के चरवा कोतवाली क्षेत्र के पूरे अयोध्या गांव निवासी चंद्रमणि यादव सीआरपीएफ का जवान था। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जसपुर इलाके में इन दिनों उसकी तैनाती थी। पिता मान सिंह यादव ने बताया कि शनिवार की शाम सीआरपीएफ के कमांडेट ने फोन करके उन्हें चंद्रमणि के नक्सली हमले में शहीद होने की जानकारी दी थी। तभी से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है। घटना के दूसरे दिन भी पूरे गांव में मातम पसरा रहा। गांव के स्त्री-पुरुष और बच्चे दिनभर सपूत के पार्थिव शरीर के घर आने की राह देखते रहे।
दरवाजे पर बैठे लोगों की जुबान पर सपूत की ही यादें थीं। वहीं रिश्तेदार-परिचितों का भी आना-जाना बना रहा। घर से दिनभर पत्नी, बूढ़ी मां की सिसकियां ही आती रहीं, तो बूढ़े पिता और भाई, बहन की आंखों से भी आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। ढांढस बंधाने वाले भी इनका गम देखकर अपनी आंखें नम होने से रोक नहीं पा रहे थे। वहीं सपूत के शहीद होने की खबर पर दिनभर नेताओं भी शोक जताने पूरे अयोध्या गांव पहुंचते रहे। सांसद विनोद सोनकर ने तो शनिवार की देर रात ही शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही फोन पर केंद्रीय गृहमंत्री से बात की थी। उन्होंने बताया कि शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार की दोपहर ट्रेन से इलाहाबाद और उसके बाद सीआरपीएफ के वैन से गांव आएगा। उधर, शहीद के परिजनों को सांत्वना देने रविवार को सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष तलत अजीम, करारी के चेयरमैन मौला बख्श, पुष्पराज पांडेय आदि पहुंचे।