पिता-पुत्र का रिश्ता भरोसे, सुरक्षा और स्नेह का प्रतीक माना जाता है, लेकिन मंझनपुर की यह घटना रिश्तों के टूटते ताने-बाने की दर्दनाक तस्वीर बनकर सामने आई है। जिस बेटे की उंगली पकड़कर पिता ने उसे चलना सिखाया उसी बेटे ने पिता की पीठ में दो गोली मार दी।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सोमवार को तैनात डॉ. नरेंद्र कुमार व अमित सिंह ने बताया कि सफाईकर्मी रामनरेश को 10:40 बजे अस्पताल लाया गया तो उनको दो गोली लगी थी। एक गोली पीठ से होकर दाहिने सीने में फंसी थी और दूसरी गोली भी पीछे से ही चली और पेट से पार हो गई थी।
परिवार का आरोप है कि राम नरेश बच्चों की परवरिश और घरेलू खर्च में सहयोग नहीं करते थे। इसी कारण पत्नी ने न्यायालय में गुजारा भत्ता का मुकदमा दायर किया था। घटना के बाद परिजनों के चेहरे पर दर्द के साथ लंबे समय से चले आ रहे तनाव की छाप भी साफ दिखाई दी।