स्थानीय पीएचसी में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने के लिए प्रत्येक सोमवार को शिविर लगाया जाता है, लेकिन ऑडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से मूकबधिर मरीज दूसरे जिलों की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। यहां से जांच के लिए मरीजों को प्रयागराज या लखनऊ रेफर किया जाता है। इससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शिविर में हाथ, पैर और आंख से संबंधित दिव्यांगता की जांच की व्यवस्था है। हालांकि, कान और गले से जुड़ी जांच के लिए ऑडियोलॉजिस्ट और कुछ जरूरी मशीनों की कमी होने से मरीजों की जांच पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में मूकबधिर मरीजों को प्रयागराज या फिर लखनऊ भेजा जाता है।
बेरा मशीन न होने से मरीजों को जाना पड़ रहा प्रयागराज
:: मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में बेरा (ब्रेनस्टेम इवोक्ड रिस्पांस ऑडियोमेट्री) मशीन न होने से श्रवण बाधित मरीजों को जांच के लिए प्रयागराज जाना पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार बेरा जांच से यह पता चलता है कि किसी व्यक्ति के कान तक आवाज की तरंगें किस स्तर तक पहुंच रही हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर ही श्रवण बाधित लोगों को हियरिंग एड जैसे सहायक उपकरण दिए जाते हैं।
:: श्रवण बाधित मरीज आने पर उन्हें ईएनटी सर्जन को दिखाया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर उनकी जांच के लिए एसआरएन अस्पताल, प्रयागराज भेजा जाता है। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए जल्द ही ऑडियोलॉजिस्ट की तैनाती कराने का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. संजय कुमार, सीएमओ