संदीपनघाट के छीता हर्रायपुर गांव में किशोरी की आत्महत्या को लेकर अब नए तथ्य सामने आए हैं। किशोरी के पिता के अनुसार किशोरी ने आत्महत्या से पहले अपनी बहन व दादी को अलग-अलग कमरे व छत पर बंद कर दिया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी बेटी दिमागी रूप से उलझन में रहती थी। ऐसे में उसने घातक कदम उठा लिया।
हर्रायपुर निवासी सफीक अहमद की 16 वर्षीय बेटी यासमीन ने बृहस्पतिवार को आत्महत्या कर ली थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। सफीक की मानें तो दस वर्ष पूर्व उसकी मां का निधन हो गया था। मां की मौत के बाद से ही यासमीन तनाव में रहने लगी थी।
घर में उसकी देखरेख छोटी बहन नाजमीन और दादी करती थीं। घटना के दिन यासमीन ने पहले बहन को कमरे में बंद किया और दादी को छत पर भेज दिया और दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद नीचे के कमरे में जाकर फांसी लगा ली। बताया कि इस दौरान घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था।
पिता अपनी सैलून की दुकान पर थे, जबकि छोटा भाई लकड़ी लेने गांव की दूसरी ओर गया हुआ था। पड़ोसियों की सूचना पर पिता जब घर पहुंचे तो दूसरे की छत के रास्ते घर के अंदर पहुंचे। फिलहाल पुलिस भी घटना को आत्महत्या मान रही है और आगे की कार्रवाई के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।