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बर्बाद फसलों से एक-एक दाना सहेजने की जद्दोजहद

Mon, 20 Apr 2015 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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मंझनपुर/पिंडरा। मूसलाधार बारिश के बाद अब तेज धूप चटकने लगी है मौसम साफ होते ही आसमान से बरसी आफत में बर्बाद हुई फसलों से एक-एक दाना सहेजने की जद्दोजहद किसानों ने शुरू कर दी है। पानी भरे खेतों से फसलें निकालकर उन्हें सुखाने में अन्नदाताओं को पूरा कुनबा जुटा है। तबाह हुई फसलों से कुछ मिल जाने की ऐसी ही उम्मीद में पसीना बहाते किसान नजर आए।
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आसमान से बारिश के रूप में किसानों पर वज्रपात हुआ है। तेज हवाओं से गिरकर बर्बाद हुई फसलें बारिश में तालाब बने खेतों में भीगने से और तबाह हो गईं हैं। दाना-भूंसा कुछ मिलने की आस किसानों को नहीं बची है। पर, दो दिन से मौसम साफ है। तेज धूप चटक रही है। तपते मौसम में अब किसानों का कुनबा पानी भरे खेतों से फसलों का बाहर निकालकर उसे इस उम्मीद से सूखा रहा है कि शायद कुछ मिल जाए। बता दें कि मार्च महीने में तेज हवाओं के साथ बारिश में गेहूं की 70 फीसदी फसलें गिरकर बर्बाद हो गई थीं।

इधर, हफ्तेभर पहले दो रात मूसलाधार बारिश हुई। इससे खेत तालाब बन गए। इससे मड़ाई के लिए काटी गई फसलें उतराने लगी थीं। फसलें भीगकर सड़ने से दाने के साथ भूंसा भी बर्बाद हो गया। जिसके सदमे में किसानों की जीवन की डोर टूटने लगी है। पर, अब मौसम साफ हो गया है। दिन में तेज धूप चटकती देख किसान पानी भरे खेतों से फसलें निकालकर उन्हें सुखाकर मड़ाई करने में जुट गए हैं। रविवार को करारी के पिंडरा गांव के किसान ज्ञानचंद्र, दस्सू, श्यामलाल, शत्रुघ्न सिंह, गोविंद, रामनिहोर, हरिश्चंद्र, बदलू, सीताराम, रोशनलाल, राम खेलावन, नर्मदा प्रसाद, विजय करन, केशव प्रसाद, सीताराम अपने परिवार के साथ खेतों से फसलें निकालकर सुखाते मिले। किसानों को उम्मीद है कि शायद भगवान अब भी उन्हें खून-पसीने से तैयार कुछ दाने दे दे।
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मौसम की मार से बर्बाद हुई फसलों का किसानों को मुआवजा बांटने के लिए शासन से पहली किश्त के रूप में 2.50 करोड़ रुपये कौशाम्बी को मिल गया है। डीएम राजमणि यादव ने बताया कि जिले से करीब 1.50 लाख किसानों की कुल 71 करोड़ रुपये की फसल बर्बाद होने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। बताया कि पहली किश्त प्राप्त हुई है। प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही कैंप लगाकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मीडिया की मौजूदगी में किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा। साथ ही इस दौरान प्रभावित किसानों की सूची ग्रामसभा की खुली बैठक में लेखपाल पढ़ेंगे। ताकि किस किसान की कितनी फसल बर्बाद हुई है और उसे कितना मुआवजा मिलेगा। इसकी उसे जानकारी हो सके।
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