सुरसेनी गांव में भागवत कथा सुनते ग्रामीण स्रोत -संवाद
ब्लाॅक क्षेत्र के सुरसेनी गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन रविवार को कथा व्यास आचार्य सुभाष महाराज ने कंस वध और रुक्मिणी विवाह, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण, रुक्मिणी विवाह आदि प्रसंगों का वर्णन किया।
महारास लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान करना जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। जीव और ब्रह्म के इस मिलन को ही महारास कहा जाता है। इस मौके पर मुख्य यजमान अशोक कुमार त्रिपाठी, कमलेश त्रिपाठी, अनिल त्रिपाठी, मिंटू त्रिपाठी, मनोज त्रिपाठी आदि रहे।