महिला अपराध को लेकर भले ही केंद्र व प्रदेश सरकार गंभीर हो, लेकिन जिले की पुलिस अपने ही महकमे के सिपाही को ही नहीं सुधार सकी। अफसरों का दावा है कि सिपाही पर तमाम तरह की विभागीय कार्रवाई की जा चुकी, लेकिन उसके आचरण में सुधार नहीं हुआ।
उधर, सिपाही से प्रेम विवाह कर सात माह की बेटी को लेकर त्रिपुरा की रहने वाली पत्नी ठोकरें खाने को मजबूर है। यहीं तक मामला नहीं है, आरोप है कि सिपाही ने हाथरस जिले की एक युवती को गुमराह कर दूसरी शादी भी कर ली है।
पिछले एक पखवाड़े के दौरान महिला थाने के आंकड़ों पर गौर करें तो 30 दंपतियों का आपसी मनमुटाव दूर कर उन्हें एक साथ रहने के लिए राजी कराया गया। जिसमें कोई छह साल तो कोई दो साल से पत्नी से अलग रह रहा था।
मामला अदालत में भी चला, लेकिन पुलिस के प्रयास के बाद स्थिति सामान्य हुई। ये दंपती आज राजी-खुशी और मजे से साथ रह रहे हैं।
वहीं अब सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि पुलिस के अफसर अपने ही विभाग के एक सिपाही पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। त्रिपुरा के धर्मा नगर जिले के रानीबाड़ी की रहने वाली बसंती का कहना है कि उसने अलीगढ़ जिले के दीपक कुमार से प्रेम विवाह किया था।
वर्ष 2019 में दीपक सिपाही के पद पर चयनित हुआ और उसकी तैनाती कौशाम्बी जिले में हुई। दीपक उसे साथ लाया व सदर कोतवाली के ओसा स्थित किराए के मकान में रहने लगा। इस दौरान वह गर्भवती हुई तो दीपक ने उसे कमरे से निकाल दिया। सात जुलाई 2023 को बसंती ने दीपक के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
उधर, प्रेम विवाह करने की वजह से बसंती के घरवालों ने भी उसका साथ छोड़ दिया था। छह फरवरी 2024 को बसंती ने एक बेटी को जिला अस्पताल में जन्म दिया। इसके बाद भी सिपाही दीपक उसे अपनाने के लिए तैयार नहीं हुआ।
बसंती का आरोप है कि दीपक से उसने कोर्ट मैरिज की थी। इस शादी को छिपाते हुए उसने हाथरस की दूसरी युवती से शादी कर ली है। मौजूदा समय दीपक पुलिस लाइन में तैनात है। इसके बाद भी पुलिस विभाग के अफसर आरोपी सिपाही के खिलाफ कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
आरोपी सिपाही दीपक ने दूसरी शादी कर ली है। आपसी समझौता नहीं हो पाने के कारण प्रकरण कोर्ट भेजा गया है। अदालत ने त्रिपुरा वाली युवती को दीपक की पगार से आधा वेतन देने का भी आदेश दे रखा है।
नीलम राघव, इंस्पेक्टर महिला थाना
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सिपाही दीपक के खिलाफ निलंबन आदि की कार्रवाई की जा चुकी है। विभागीय जांच भी कराई जा चुकी है। मामला अदालत में विचाराधीन है। परामर्श केंद्र में सिर्फ दोनों पक्ष के लोगों को आपसी सुलह के आधार ही समझौता कराया जा सकता है।
बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी