ओसा स्थित कृषि उत्पादन मंडी में साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल और जलनिकासी की व्यवस्थाएं बदहाल होने से दुकानदारों, किसानों और कामगारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिसर की नालियां गंदगी से जाम हो गई हैं, जिससे हाल की बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव हो गया है।
दुकानदारों का कहना है कि सफाई के लिए टेंडर होने के बावजूद नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है। जलभराव के कारण दुकानों के सामने रखी अनाज की बोरियां भी भीग गईं। कामगारों ने बताया कि परिसर में बना शौचालय देखरेख के अभाव में अव्यवस्थित है।
पानी की टोटियां खराब हैं और साफ-सफाई न होने से लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है। गर्मी के मौसम में ठंडे पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। वहीं, मंडी में आश्रय स्थल न होने से अनाज बेचने आने वाले किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी परिसर में नियमित साफ-सफाई नहीं होने से गंदगी फैली रहती है। इससे कूड़ा-कचड़ा नाली में जाकर फसता है, जिससे नालियां जाम हो जाती हैं। - गणेश कुमार, स्थानीय दुकानदार
शौचालय में लगी टोटियां खराब हो गई हैं। देखरेख के अभाव में जगह-जगह गंदगी फैली है। इससे काम करने वाले मजदूरों को शौच के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। - रतन लाल, पल्लेदार
:: परिसर में ठंडा पानी पीने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। जो नल लगा है वह खराब है। इससे मजदूरों को गर्मी में दिक्कत होती है।- राकेश कुमार, कामगार
मंडी परिसर में साफ-सफाई करवाई जा रही है। जून के पहले माह तक नालियों की सफाई करवा ली जाएगी, जिससे बारिश में जलभराव की स्थिति न उत्पन्न हो। साथ ही अन्य जो मंडी के परिसर के अंदर समस्या है जल्द ही उसे दुरुस्त करा दिया जाएगा। - संजय गुप्ता, सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति मंझनपुर
मंडी परिसर में बने शौचालय की स्थिति बदहाल। संवाद
मंडी परिसर में बने शौचालय की स्थिति बदहाल। संवाद
मंडी परिसर में बने शौचालय की स्थिति बदहाल। संवाद
मंडी परिसर में बने शौचालय की स्थिति बदहाल। संवाद
मंडी परिसर में बने शौचालय की स्थिति बदहाल। संवाद
मंडी परिसर में बने शौचालय की स्थिति बदहाल। संवाद