क्षेत्र में बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस वर्ष गंगा की तराई सहित समतल इलाकों में करीब एक हजार बीघा से अधिक क्षेत्रफल में तरबूज और खरबूजे की खेती की गई है। पिछले दो दिनों से मौसम में बदलाव के बाद शुक्रवार की रात तेज बारिश हुई, जिसके बाद से आसमान में बादल छाए हुए हैं।
मौसम विभाग की ओर से ओले पड़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों को फसल बर्बाद होने का डर सता रहा है। किसानों का कहना है कि बारिश के कारण बोआई की गई तरबूज और खरबूजे की फसल पर विपरीत असर पड़ सकता है।
नगिया मई गांव के किसान शराफत उल्ला, जुबैर, संतराम और गंगाराम ने बताया कि इस बार उन्होंने दो से तीन बीघे में खरबूजे की खेती की है। ऐसे में बारिश होने से फसल खराब होने का खतरा दिखाई दे रहा है।
शुक्रवार रात हुई तेज बारिश तरबूज-खरबूजे की फसल के लिए नुकसानदायक है। यदि दोबारा बारिश हुई तो खेती किसानी चौपट हो सकती है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। - शराफत उल्ला, नगिया मई
तेज हवा के साथ हुई बारिश से फूल पर खड़ी गेहूं की फसल खेत में गिर गई है और सरसों की फसल भी प्रभावित हुई है। ऐसे में उत्पादन करीब 50 प्रतिशत तक कम होने की आशंका है। -रामप्यारे, किसान, सयारां
राम प्यारे किसान सयारां- फोटो : Samvad
राम प्यारे किसान सयारां- फोटो : Samvad