प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोना-चांदी न खरीदने और निवेश के अन्य विकल्प अपनाने की अपील के बाद सर्राफा कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि अब ग्राहकों की संख्या और कम होने की आशंका है, जिससे छोटे दुकानदारों और कारीगरों पर सीधा असर पड़ सकता है।
हनुमत निकेतन मंदिर प्रांगण में हुई बैठक में दुकानदारों का कहना है कि बाजार की सुस्ती का सबसे बड़ा असर छोटे कारीगरों, डिजाइनरों और पॉलिश मजदूरों पर पड़ेगा, जिनकी रोजी-रोटी रोज मिलने वाले ऑर्डर पर निर्भर रहती है।
पीएम मोदी की अपील का यहां प्रभाव पड़ेगा। इसमें कोई संदेह नहीं है। जिनके यहां शादी-ब्याह है वह तो खरीदेंगे ही। हम सब व्यापारी साथ में खड़े हैं,भले ही नुकसान हो। - प्रवेश कुमार केसरवानी, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल।
इस अपील से ऐसे में बहुत सारे लोग प्रभावित हो सकते है, व्यापारी तो ठीक है, पर सुनार (कारीगर) आर्थिक तंगी के दौर से गुजरेगा। अखिलेश कुमार कौशल।
अपील के बाद कारीगर पूरी तरह से बेरोजगार हो जाएंगे। यही चिंता सता रही है, कि लोग सोना नहीं खरीदेंगे तो उनका काम बंद हो जाएगा। - राजेंद्र प्रसाद कौशल, अध्यक्ष सराफा संघ भरवारी।
ग्राहक दुकानों पर आ रहे हैं, डिजाइन और रेट भी पूछ रहे हैं, लेकिन खरीदारी का फैसला तुरंत नहीं ले रहे। इसका असर छोटे कारोबारियों और वर्कशॉप पर सबसे पहले दिखाई देगा। - अमित कुमार वर्मा, सर्राफा
फिलहाल बाजार पूरी तरह प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन ग्राहकों का रुझान बदलता दिख रहा है। लोग खरीदारी टाल रहे हैं और केवल जरूरी सामान ले रहे हैं। - अंकित सोनी, सर्राफा व्यापारी
अपील के कारण उनकी रोजी-रोटी का संकट आ सकता है। ऐसे में काम छिना तो पूरा वर्ष एक-एक रुपये को कारीगर मोहताज हो जाएंगे। - जगदीश कुमार वैश्य।