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Kaushambi News: पशु चिकित्सक की पीड़ा.. छत से गिरते प्लास्टर से बचें कि इलाज करें

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राजकीय पशु चिकित्सालय सरसवां की जर्जर भवन। संवाद
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सरसवां ब्लॉक के बगल स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय के भवन की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आखिरी बार इसकी मरम्मत 35 साल पहले हुई थी। कब किस कमरे की छत का प्लास्टर गिर जाएगा कोई नहीं जानता। डॉक्टर कहते हैं कि प्लास्टर गिरने से कोई भी घायल हो सकता है। पशुओं के इलाज के साथ ही यहां अपनी जान बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है।
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भवन की हालत जर्जर होने के बाद भी महकमे के आला अफसर ध्यान नहीं दे रहे। अस्पताल के दरवाजे और खिड़कियां तक जर्जर हो चुके हैं। अस्पताल में चहारदीवारी नहीं है। छुट्टा मवेशी भी परिसर में घूमते रहते हैं। भवन जर्जर होने के कारण अभिलेख और दवाओं के रखरखाव की भी समस्या है। अस्पताल में तैनात डॉक्टर, कर्मचारियों के साथ ही पशुओं का इलाज के लिए आने वाले लोग भी डरे सहमे हुए यहां आते हैं।
अस्पताल में तैनात डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि भवन की हालत इतनी जर्जर है कि उसमें बैठने से डर लगता है। अस्पताल की छत का प्लास्टर अक्सर गिरता रहता है। कब कौन सा कर्मचारी इसकी जद में आ जाए कोई नहीं जानता। कर्मचारियों के आवास भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में लिखित व मौखिक सूचना दी गई, लेकिन नतीजा शून्य रहा। अस्पताल में करीब 30 गांव के मवेशियों का इलाज होता है। यहां प्रतिदिन करीब 20-25 मवेशियों का उपचार होता है।
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दो कर्मचारियों के जिम्मे 30 गांव की जिम्मेदारी
- राजकीय पशु चिकित्सालय सरसवां में डॉ. अजीत सिंह व स्वीपर सूर्यपाल के साथ तीन पैरावेट की तैनाती है। इनके जिम्मे ही 30 गांव के मवेशी व नौ अस्थाई गोशाला के टीकाकरण और देखरेख की जिम्मेदारी है। यहां तैनात रहे फार्मासिस्ट शंकरलाल मिश्र नवंबर 2023 में सेवानिवृत हो गए हैं। पशु सेवा केंद्र महेवाघाट में तैनात रहे पशुधन अधिकारी अनिल कुमार सिंह का तबादला जुलाई 2024 में जनपद बाराबंकी हो जाने से दोनों पद खाली हैं।

पशु चिकित्सालय के भवन के जर्जर होने की जानकारी है। अस्पताल के भवन के निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति और बजट मिलने के बाद निर्माण कराया जाएगा। - डॉ. अशोक सिंह, सीवीओ
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