दोआबा में रविवार की दोपहर फिर अचानक धरती कांप गई। 24 घंटे के भीतर ये भूकंप के तीसरे झटके थेे। हालांकि इसका असर महज 30 सेकेंड ही था। पर, इस झटके ने कौशाम्बीवासियों को खौफ से भर दिया। जिले भर में दहशत फैल गई। घर, दुकान, मंदिर, अस्पताल हर कहीं अफरा-तफरी मच गई। सहमे लोग जान बचाकर घरों से बाहर को निकल आए थे। डर का आलम यह था कि लोग घर के भीतर जान से घबराने लगे हैं।
बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि से परेशान लोगों अब भूकंप के कहर से डरे हुए हैं। कौशाम्बी में ही 24 घंटे के भीतर भूकंप का तीन बार झटका आ चुका है। शनिवार को दो बार भूकंप के कारण धरती कांपी थी। रविवार को भी दोपहर 12.04 बजे अचानक कंपन हुआ। भूकंप के कारण आए झटके जिले भर के लोगों ने महसूस किया। हालांकि रविवार को झटके भले ही सिर्फ 15-25 सेकेंड के ही थे। साथ ही इनकी तीव्रता भी शनिवार के भूकंप से कम थी। पर, लोगों में इसकी दहशत शनिवार के झटकों से ज्यादा दिखी।
भूकंप के झटके से जिलेभर में अफरातफरी मची रही। जिला मुख्यालय मंझनपुर के अलावा करारी, भरवारी, मूरतगंज, सिराथू, कड़ा, अजुहा, देवीगंज, ओसा, महेवाघाट, चायल, चरवा, सरायअकिल, तिल्हापुर, मनौरी, पुरामुफ्ती आदि सभी बाजार और गांवों में लोग झटके महसूस करते ही सन्न रह गए। सहमे लोग जान बचाने के लिए घरों से निकलकर बाहर को भागे। ऐसी ही अफरातफरी बाजारों, दुकानों, अस्पतालों समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी देखने को मिली।
कौशाम्बी में 24 घंटे के भीतर तीसरे बार आए भूकंप के झटकों का असर पुलिस कार्यालय, थाने और कोतवालियों में भी दिखा। रविवार दोपहर जैसे ही भूकंप का हल्का सा झटका लोगों को महसूस हुआ पुलिस कार्यालय में बैठे एसपी रतनकांत पांडेय के साथ ही दफ्तर का एक-एक कर्मी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागा। कुछ ऐसा ही नजारा करारी समेत जिले की अन्य कोतवालियों में भी देखने को मिला। करारी में सड़क हादसे के गुस्से में जाम लगाए ग्रामीणों को समझाने-बुझाने के बाद सीओ करारी कोतवाली में आकर बैठे थे। उनके आने के थोड़ी देर बाद ही भूकंप से धरती कांपी थी। झटके महसूस होते ही सीओ, एसओ समेत कोतवाली के दरोगा, सिपाही और वहां मौजूद अन्य लोग भी बाहर को भागे। सीओ और उनके मातहत तो करीब आधे घंटे तक बाहर ही खड़े रहे। झटका रुकने के बाद ही दुबारा कोतवाली के भीतर जाने का साहस जुटा सके।