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Kaushambi News: अपने पैरों पर नहीं खड़ा हो रहा हड्डी रोग विभाग, मरीजों का बढ़ रहा दर्द

Wed, 03 Sep 2025 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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मंझनपुर ​स्थित मेडिकल कॉलेज का अस्पताल।   संवाद - फोटो : बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में गणपति महोत्सव पर संबोधित करते कुलाधिपति महंत बालकनाथ योगी। स्रोत : विवि
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संयुक्त जिला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज बने करीब दो साल हो चुके हैं लेकिन अब तक यहां पर सी-आर्म नहीं लग पाई है। इस मशीन के अभाव में हड्डी से जुड़े कई अहम ऑपरेशन नहीं हो पाते हैं। रोज करीब छह से अधिक मरीजों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया जाता है। ऐसे में मरीजों को खासा परशानी उठानी पड़ती है।
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मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना करीब 150 से अधिक मरीज उपचार कराते हैं। इसके अलावा सड़क हादसों व अन्य घटनाओं के घायल मरीज इमरजेंसी में आते हैं। इन मरीजों को चिकित्सकों की सलाह, दवाएं, हड्डी टूटने पर प्लास्टर व सामान्य ऑपरेशन की ही सुविध मिल रही है लेकिन हाथ-पैर में रॉड डालने या कूल्हे के ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है तो उसका उपचार यहां नहीं हो पाता।
कारण, मेडिकल कॉलेज में सी-आर्म मशीन का अभाव है। इसके साथ ही यहां पर सिर्फ एक ही ओटी है जिसमें हड्डी और जनरल सर्जरी होती है। इन कारणों से रोज हड्डी रोग से जूझ रहे आधा दर्जन से अधिक मरीजों को एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने कई महीने पहले ही सी-आर्म की डिमांड शासन से की थी लेकिन अब तक मशीन नहीं मिली।
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सी-आर्म से ऑपरेशन व उपचार में होते हैं फायदे
हड्डी विभाग के डॉक्टर बताते हैं कि हड्डी में रॉड डालने की शल्य चिकित्सा और कूल्हे के ऑपरेशन सी-आर्म के बिना संभव नहीं है। हड्डी से जुड़े अन्य छोटे-मोटे ऑपरेशन में भी इससे काफी सहूलियत मिलती है। इस मशीन से चीरा काफी कम लगाना पड़ता है। इससे घाव जल्दी भर जाते हैं। मरीज में इंफेक्शन फैलने का खतरा कम रहता है।
बोले मरीज
मंझनपुर निवासी शंकर ने बताया कि भाई की सड़क हादसे में टांग टूट गई थी। मेडिकल कॉलेज में केवल प्राथमिक इलाज हुआ और ऑपरेशन के लिए बाहर भेज दिया गया। नतीजतन प्रयागराज के निजी अस्पताल में तीन-चार लाख रुपये खर्च हो गए। सिराथू निवासी राममिलन ने बताया कि पेड़ से गिरकर बेटे का हाथ टूट गया था। जिला अस्पताल में प्लास्टर बांधा गया लेकिन रॉड डालने की जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों ने रेफर कर दिया।

- मेडिकल कॉलेज का हड्डी रोग विभाग लगातार बेहतर हो रहा है। फिलहाल सी-आर्म मशीन न होने से कुछ बड़ी सर्जरी संभव नहीं हैं लेकिन सामान्य उपचार और प्लास्टर की सभी सुविधाएं मरीजों को मिल रही हैं। शासन को मशीन की डिमांड भेज दी गई है और हमें पूरा भरोसा है कि जल्द ही यह उपलब्ध हो जाएगी। - डॉ. हरिओम कुमार सिंह, कॉलेज प्राचार्य
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