मंझनपुर। गर्मी व तनाव के साथ अव्यवस्थित खानपान और भागदाैड़ भरी जिंदगी की वजह से 40 वर्ष से ज्यादा उम्र के 35 से 40 मरीज हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) के शिकार हो रहे हैं। यह बीमारी साइलेंट किलर की तरह है, जो कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनती है। ऐसे में फिजिशियन उन्हें उपचार के साथ-साथ एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के मुख्य अस्पताल की ओपीडी में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एके सिंह के मुताबिक जब रक्त का दबाव खून की नसों में बढ़ता है तो इसे हाइपरटेंशन कहते हैं। अधिकांश मरीजों में शुरुआती दौर में इसके कोई लक्षण नहीं दिखते हैं।
इसकी वजह तनाव, अव्यवस्थित खानपान और भागदाैड़ भरी जिंदगी है। इन दिनों भीषण गर्मी के कारण भी लोग बात-बात मेें ही झल्ला जाते हैं। उन्होंने बताया कि 18 से 35 वर्ष के लोगों में ब्लड प्रेशर दो से पांच साल के अंतराल में मापना चाहिए।
40 वर्ष के व्यक्ति को साल में एक बार जांच करानी चाहिए। यदि ब्लड प्रेशर 90/130 या इससे ज्यादा, बार-बार मापने में आ रहा है, तो डॉक्टर से परामर्श करें और समुचित दवाओं का सेवन करें। इसके ज्यादा बढ़ने से ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक का भी डर रहता है।
गर्मी हावी होती हैं ये बीमारियां
- बीते कुछ दिनों से गर्मी चरम पर है। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन दिनों त्वचा में खुजली, चेहरे में दाने आना, पेट दर्द, सिर दर्द, उल्टी-दस्त, कान में दर्द, पीलिया, डायरिया और आंखों में जलन जैसी बीमारियों के मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक रोज अस्पताल में 300 से अधिक मरीजों को उपचार देने के साथ ही एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
हाइपरटेंशन मरीजों के लिए हिदायत
-नमक का प्रयोग सीमित करें।
-नियमित छह से आठ घंटे की नींद लें।
-मानसिक तनाव कम करें और व्यवस्थित भोजन ही करें।
-नियमित व्यायाम करें और वजन संतुलित रखें।
-शराब, तंबाकू और मादक पदार्थों का उपयोग नहीं करें।
-शुगर को नियंत्रित रखें, अपनी दवाएं नियमित रूप से लें।
मेडिकल कॉलेज के मुख्य अस्पताल में दवा वितरण केंद्र पर लगी मरीज की भीड़। संवाद