मनौरी बाजार का मोहल्ला रोज की तरह आबाद था। किसी को जरा भी अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ घंटे में मंजर कुछ और ही होने वाला है। दोपहर में हादसे के बाद मोहल्ला वीरान हो गया। उस मोहल्ले में सिर्फ बच्चों के रोने की गूंज और अपनों को पुकारती आवाजें ही सुनाई दे रही थीं।
सोमवार सुबह पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट ने देखते ही देखते कई आशियानों को जमींदोज कर दिया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकानों की दीवारें और छतें गिर गईं। धुएं और धूल का ऐसा गुबार उठा कि कुछ देर के लिए पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।