मंझनपुर। लोहंदा कांड में दुष्कर्म पीड़िता को न्याय न दिए जाने पर लोग आंदोलन की बात कर रहे हैं। पुलिस की जांच में एक और चौकाने वाली बात सामने आई है, जिसमें प्रत्यक्षदर्शी नाबालिग बच्चे ने भी यही बयान दिया है कि दो थप्पड़ मार खाने के बाद बालिका रोते हुए अपने घर चली गई थी।
किसान रामबाबू तिवारी की मौत के बाद तूल पकड़ चुके मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसपी राजेश कुमार ने एसआईटी (विशेष प्रकोष्ठ टीम) बनाई है।
टीम में थानाध्यक्ष कड़ाधाम धीरेंद्र सिंह सहित तीन पुलिस कर्मी शामिल हैं। दुष्कर्म की घटना से लेकर लाठीचार्ज किए जाने तक जांच कर रही एसआईटी अब तक लगभग 15 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।
एसआईटी शनिवार दोपहर बाद फिर गांव पहुंची। प्रधान व पीड़ित बालिका के पिता की गतिविधि की जानकारी पहले ले चुकी पुलिस टीम ने मुकदमे में शामिल अन्य सहयोगियों की भी जानकारी ले रही है।
पूछताछ में यह भी पता किया गया कि दुष्कर्म की घटना से लेकर रामबाबू की मौत तक सभी की लोकेशन कहां थी। यही नहीं, जिनसे मोबाइल पर आरोपियों ने बातचीत की, उनसे भी पुलिस ने पूछताछ की।