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गर्मी के साथ बीमारियों ने दी दस्तक

Sun, 03 May 2015 01:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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मंझनपुर। गर्मी की दस्तक के साथ ही कौशाम्बी में बीमारियों का भी प्रकोप शुरू हो गया है। सर्दी, जुकाम के साथ बुखार से लोग जकड़े हैं। शनिवार को  अकेले जिला अस्पताल की ही ओपीडी में 600 से अधिक लोग इलाज को आए थे। इनमें से लगभग 400 लोग बुखार की चपेट में थे। डॉक्टरों के मुताबिक अप्रैल महीने में हुई बारिश के बाद तीखी धूप हो रही है। दिन में भीषण गर्मी और रात में ठंडी हवाओं के कारण दिन-रात के तापमान में अंतर बना  है। मौसम का यही बदलाव लोगों को बीमार बना रहा है।
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अप्रैल खत्म होते ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पखवारेभर पहले हुई मूसलाधार बारिश के बाद दिन में तीखी धूप हो रही है। इससे दिन का तापमान 40 के आसपास पहुंचने लगा है। रात में ठंडी हवाएं चल रही हैं। इससे तापमान में करीब 15 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ रही है। मौसम का यह उतार-चढ़ाव लोगों को बीमार बना रहा है। लोग सर्दी-जुकाम, बुखार की चपेट में आने लगे हैं। इतना ही नहीं गर्मी के कारण संक्रामक बीमारियां भी फैलने लगी हैं। इससे सरकारी और निजी हास्पिटल मरीजों से पटने लगे हैं।

शनिवार को ही जिला अस्पताल की ओपीडी में 600 में से करीब 400 मरीज बुखार के थे। इनमें सिराथू खोदायगंज गांव की रहने वाली मीरा देवी (40) पत्नी संतराम, उसकी बेटी माधुरी (18) और बेटा शौर्य (3 माह), सुषमा (48) निवासी कोर्रई, छोटू (12) देवखरनपुर, कलावती (35) मकनपुर, रामशंकर मौर्य (50) सिराथू, सीता देवी (27) सिराथू, उमेश (12) सिराथू, मनीषा (27) ढेकहाई, कौसिमा (30) ढेकहाई, जगतनारायण (55) थोन, नीरज (18) करारी, मिथिलेश (30) पन्ना का पुरा, लक्ष्मी (28) थाम्बा अलावलपुर, अनिल (18) गोंसाईतारा आदि बुखार से ही जकड़े हुए थे।   जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. सुरभि ने बताया कि एकाएक बढ़ी गर्मी और मौसम के उतार चढ़ाव के दौरान खानपान में बरती गई जरा सी लापरवाही खतरनाक है। बताया कि बासी खाना और दूषित पानी, आइसक्रीम आदि के कारण ही लोग उल्टी-दस्त, डायरिया की जद में आ सकते हैं। उन्होंने इस मौसम में लोगों से बासी खाना, दूषित पानी और बाजार में खुले में बिक रहे चाट, समोसे, कटे फल आदि खाने से बचने की सलाह दी है। साथ ही घर के आसपास सफाई रखने, नालियों की सफाई नियमित करने और जलजमाव नहीं होने देने की सीख दी। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने को कहा है।
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