आईटीआई मंझनपुर की छात्रा के साथ जातिगत व्यवहार व छेड़खानी की उच्च स्तरीय जांच के लिए सोमवार को टीम नहीं आई। इस बाबत छात्रा को आधिकारिक रूप से जानकारी भी नहीं दी गई। दूसरी तरफ घटना से सहमी छात्रा का कहना है कि उसे सुरक्षा मिले तो वह कॉलेज पहुंचकर जांच में सहयोग कर सकती है।
आईटीआई मंझनपुर में पढ़ने वाली पश्चिमशरीरा क्षेत्र की एक छात्रा को करीब दो साल तक लगातार पढ़ने के बाद भी परीक्षा देने का अवसर नहीं मिला। छात्रा ने इसे लेकर विरोध किया तो जातिगत व्यवहार व छेड़खानी का उसे सामना करना पड़ा। पांच जनवरी को उसने इस प्रकरण को लेकर कॉलेज में हंगामा किया था।
इसके बाद मामला मीडिया की सुर्खियों में आया और विभाग ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। छात्रा की तहरीर पर कॉलेज के दो शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। दूसरी तरफ विभागीय जांच के लिए भी निदेशक ने उच्च स्तरीय टीम गठित कर दी।जांच के लिए सोमवार को आने वाली टीम किन्हीं कारणों से नहीं आ सकी।
उधर, छात्रा ने भी बिना सुरक्षा के काॅलेज जाने से इन्कार किया है। उसका कहना है कि उस पर बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। कुछ लोग तो उसके घर तक पहुंच गए हैं।
आरोपित शिक्षक के अवकाश पर होने के कारण जांच टीम नहीं आई। छात्रा को कॉलेज की ओर से जानकारी दी गई है। रही बात सुरक्षा की तो कॉलेज में उसे किसी तरह की समस्या नहीं होगी।
- केके राम, नोडल प्रधानाचार्य-आईटीआई