स्थित 51 शक्तिपीठ मां शीतला धाम का आषाढ़ मेला बृहस्पतिवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति के माहौल में सकुशल संपन्न हो गया। अंतिम दिन दर्शन-पूजन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
आषाढ़ मेले के आखिरी दिन सुबह तड़के से ही श्रद्धालु मां शीतला धाम पहुंचने लगें। श्रद्धालुओं ने कालेश्वर घाट, कुबरी घाट समेत विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान कर मां शीतला के दर्शन किए। हाथों में नारियल, चुनरी, माला, प्रसाद, फूल, निशान, झंडा और पालना लेकर श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहे और जय माता दी के जयकारों के बीच मां का आशीर्वाद लिया।
मेला समाप्त होने के साथ अधिकांश दुकानदार अपनी दुकानें समेटते नजर आए। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष आत्म प्रकाश पंडा ने मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में शासन-प्रशासन, नगर पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, सफाई कर्मियों और सभी सहयोगी विभागों का आभार व्यक्त किया।
मेले में सुरक्षा व्यवस्था पहले के मुकाबले अधिक मजबूत रही। प्रमुख मार्गों और घाटों पर बैरियर, फ्लेक्स बोर्ड, पर्याप्त पुलिस बल और जल पुलिस की तैनाती की गई थी। भीड़ प्रबंधन के बेहतर इंतजाम से श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
पुलिस के खोया-पाया केंद्र ने भी सराहनीय कार्य किया। मेले के दौरान बिछड़े करीब 50 से अधिक लोगों को उनके परिजनों से मिलाया गया। मेला सकुशल संपन्न होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
आषाढ़ मेले के आखिरी दिन मां शीतला के दरबार में लगी भक्तों की भीड़। संवाद