दिल बहुत नाजुक है, इसे सहेजने की जरूरत है। तनाव, धूम्रपान, तंबाकू, गुटखा और शराब का सेवन इसे कमजोर कर रहा है। अव्यवस्थित जीवनशैली और गलत खानपान से हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं।
पहले 25 से 45 वर्ष की उम्र के केवल आठ से 10 लोग ही हृदय रोग से ग्रसित होते थे लेकिन अब यह बीमारी बढ़कर उसी आयु वर्ग के 25 से 30 लोगों में पाई जा रही है। साथ ही 25 से 30 वर्ष की कम उम्र के युवाओं में भी हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुरभि प्रकाश ने बताया कि रोजाना की ओपीडी में 200 से अधिक मरीज आते हैं, जिनमें से 30 के आसपास मरीह हृदय के रोगी होते हैं। अधिकांश मरीज 40 से 70 वर्ष की आयु वर्ग के होते हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि 90 फीसदी मरीजों की बीमारी की जड़ धूम्रपान, तंबाकू, गुटखा और शराब है। इसके साथ ही तनावग्रस्त जीवन, असंतुलित दिनचर्या और खानपान में नमक, चीनी और मैदा का अत्यधिक उपयोग भी हृदय रोग का कारण बन रहा है। संवाद
दिल को दुरुस्त रखने के लिए अपनाएं ये उपाय
दिल को स्वस्थ बनाए रखना जीवनशैली पर निर्भर करता है। खानपान में नमक, तेल और चिकनाई वाली चीजें कम करें। हरी सब्जियां, फल और पौष्टिक आहार लें। प्रतिदिन योग और व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। तनाव से बचने के लिए संगीत सुनें, परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं। धूम्रपान, तंबाकू, गुटखा और शराब जैसे सभी प्रकार के नशों से दूरी बनाएं। इन आदतों को अपनाकर हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
30 मिनट सुबह-शाम टहलना बहुत जरूरी
हृदय रोग से बचाव के लिए प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट टहलना आवश्यक है। फिजिशियन डॉ. एके सिंह का कहना है कि हाइपरटेंशन, डायबिटीज और स्मोकिंग हृदय रोग के प्रमुख कारण हैं। इससे बचाव के लिए जीवनशैली बदलना बेहद जरूरी है। कोरोनरी धमनियों की आंतरिक दीवारों पर कोलेस्ट्रॉल और वसा जमने से खून का बहाव प्रभावित होता है। परिणामस्वरूप हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे सीने में दर्द जैसी समस्या उत्पन्न होती है।
बोले मरीज
मंझनपुर की 45 वर्षीय रानी ने कहा कि पहले अक्सर सीने में दर्द और थकान रहती थी। डॉक्टर की सलाह पर नियमित टहलना और खानपान सुधारने से अब काफी राहत मिल रही है। इसी तरह टेवां की सविता ने बताया कि तनाव और ज्यादा काम की वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता था। समय पर जांच और दवा लेने के साथ योग और व्यायाम करने से अब स्वास्थ्य पहले से बेहतर है।