मंझनपुर (ब्यूरो)। उद्यान विभाग के अफसरों पर योजनाओं में धांधली का आरोप लगाने वाले एक सपा नेता ने आरोपों की जांच शुरू होते ही अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। नेता ने डीएम समेत आला अफसरों को दूसरा पत्र भेजकर अपनी शिकायतों को खुद ही निराधार बताया है। पार्टी के लोगों पर शिकायत करने के लिए प्रेरित करने का आरोप भी जड़ा है।
समाजवादी पार्टी के एक फ्रंटल संगठन के जिलाध्यक्ष ने 19 फरवरी को डीएम को पत्र भेजकर उद्यान विभाग के अफसरों पर योजनाओं में गड़बड़ी करके रकम डकारने का आरोप लगाया था। आरोप था कि राष्ट्रीय कृषि और माइक्रो इरीगेशन योजना समेत अन्य योजनाओं में भी जमकर धांधली की गई है। अपात्रों से साठगांठ करके उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। जबकि जरूरतमंद किसानों को किसी भी योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। डीएम के अलावा इसकी शिकायत शासन स्तर के अधिकारियों से भी की गई थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जांच शुरू कराई तो उद्यान विभाग के अफसरों के हाथ पांव फूल गए, लेकिन जांच अंतिम चरण पर पहुंचती, इससे पहले ही सत्ताधारी पार्टी के नेता ने शिकायत वापस ले ली। इन्होंने डीएम सहित अन्य अधिकारियों को भेजे गए दूसरे पत्र में लिखा है कि पार्टी के ही कुछ लोगों ने झूठी सूचना देकर उन्हें शिकायत करने के लिए प्रेरित किया था। शिकायत वापस होने के बाद उद्यान विभाग के अफसर जहां राहत महसूस कर रहे हैं। वहीं सपा नेता को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।