पीएम हाउस के बाहर बैठे पीड़ित परिजन। संवाद
19 वर्षीय शिवप्रसाद लोधी ट्रैक्टर-ट्रॉली खरीदकर अपना कारोबार शुरू करने का सपना देख रहा था। बृहस्पतिवार शाम वह मौसी के घर से 50 हजार रुपये लेकर लौट रहा था, लेकिन रात में एक युवती से मिलने पहुंच गया, जहां उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
शिवप्रसाद लोधी के बड़े भाई गुरु प्रसाद ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ बालू का कारोबार शुरू करना चाहता था। घर में ट्रैक्टर पहले से था, लेकिन ट्रॉली नहीं होने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा था। ट्रॉली खरीदने के लिए कुछ रुपये कम पड़ रहे थे, जिसके लिए उसने पहले अपनी मां कुंती से मदद मांगी थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे रुपये नहीं दे पाईं। इसके बाद वह बृहस्पतिवार शाम अजुहा के छेमी गांव स्थित अपनी मौसी के घर गया और वहां से 50 हजार रुपये लेकर वापस लौट रहा था।
साजिश के तहत फोन कर बुलाने का आरोप
मृतक के भाई का आरोप है कि घटना के बाद शिवप्रसाद के पास से 50 हजार रुपये नहीं मिले। उसने आरोप लगाया कि आरोपियों ने साजिश के तहत युवती के मोबाइल से शिवप्रसाद को बुलाया और वहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। परिजनों के अनुसार, मारपीट के दौरान युवती ने भी शिवप्रसाद को बचाने का प्रयास किया था, जिस पर आरोपियों ने उसकी भी पिटाई कर दी। घायल युवती का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
रात में घटना की सूचना मिलने पर भाई गुरु प्रसाद, पिता रामबदन और मां कुंती एक ही बाइक से बेटे को बचाने के लिए महुआ खाड़ा पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में शिवप्रसाद की मौत के बाद मां कुंती का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बिलखते हुए बार-बार कह रही थीं, कितना भी डांट लो, मेरा बेटा कभी नाराज नहीं होता था... मुझे छोड़कर क्यों चला गया?
पीएम हाउस के बाहर बैठे पीड़ित परिजन। संवाद