कोसम इनाम की चौपाल में एडीएम को पत्र सौंपते किसान
- फोटो : घटना स्थल पर जांच करने पहुंचे एसपी, एएसपी व एसडीएम।
कोसम इनाम की चौपाल में डीएम के न पहुंचने पर किसान काफी मायूस रहे। ऐसे में चौपाल में पहुंचे एडीएम प्रबुद्ध सिंह को शिकायती पत्र देकर फोरलेन सड़क में गई जमीनों का वास्तविक किसानों को मुआवजा दिलाने व सरकारी धन के बंदरबांट मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
कोसम इनाम के पीड़ित किसान पितांबर लाल, अनिल कुमार, जय सिंह, गोदान्ती, सीमा देवी, जयसिंह, धर्मेन्द्र कुमार, अनुज कुमार, शिव कुमार, शिवबाबू और पूजा देवी आदि का आरोप है कि प्रयागराज से कौशाम्बी फोरलेन सड़क निर्माण में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में गोलमाल किया गया है।
किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कोसम इनाम के तत्कालीन लेखपाल कमलेश कुमार ने राजस्व व लोक निर्माण विभाग से मिलीभगत कर सड़क निर्माण में वास्तविक रूप से जिन काश्तकारों की जमीन ली गई है, उनको मुआवजा नहीं दिया। जिनकी जमीन सड़क निर्माण में नहीं गई, उन्हें मुआवजा दे दिया और प्रशासनिक वित्तीय स्वीकृति के बाद जमीनों को गैर कृषि घोषित कर बड़े पैमाने पर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया।
इन्हीं आरोपों को लेकर शुक्रवार को कोसम इनाम की चौपाल में डीएम को ज्ञापन सौंपा जाना था। हालांकि, डीएम अमित पाल शर्मा के न आने पर किसानों ने चौपाल में मौजूद एडीएम प्रबुद्ध सिंह को पत्र सौंपा। एडीएम ने लोगों को न्याय का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि जांच जारी है। रिपोर्ट के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।