बदलते समय के साथ शिक्षा की पद्धति में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। अब पारंपरिक ब्लैक बोर्ड की जगह स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा दी जा रही है। छात्रों को विषयों की गहराई से समझ के लिए ऑडियो-वीडियो सामग्री और इंटरएक्टिव मॉड्यूल उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
नई शिक्षण प्रणाली के प्रभाव का आकलन अब एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) और स्टेट रिसोर्स पर्सन (एसआरपी) करेंगे। इसके लिए विद्यालयों में नियमित रूप से निरीक्षण किया जाएगा ताकि यह समझा जा सके कि स्मार्ट क्लास और डिजिटल संसाधनों से विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में कितना सुधार हुआ है।
बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि जिले के 1093 परिषदीय स्कूलों में करीब 2.45 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इनके पढ़ने के स्तर पर सुधार का मूल्यांकन होना है। इसके लिए जिले के सभी एआरपी व एसआरपी को बच्चों के सर्वे का निर्देश दिया गया है। सभी सर्वे के बाद सीएम डैश बोर्ड की साइड पर डाटा अपडेट किए जाएंगे। इसके साथ ही जिन स्कूलों में किसी कारण से उपकरणों का प्रयोग नहीं हो रहा है। वहां उपकरण का प्रयोग शुरू कराएंगे।