जिले में सर्दी का असर बढ़ने के साथ ही मोटे अनाजों की मांग में तेजी आ गई है। पोषक तत्वों से भरपूर श्रीअन्न को लेकर बढ़ती जागरूकता का असर स्थानीय बाजारों में दिखने लगा है। जौ, बाजरा, रागी और मक्का जैसे मोटे अनाजों की खरीदारी बढ़ने से इनके दामों में भी उछाल आई है।
सर्दी में लोग विशेषकर मोटे अनाज को ज्यादा पसंद करते हैं। बाजरे की रोटी और चने का साग लोगों को अतिप्रिय भोजन है। इसके अलावा बाजरा की घुघरी, बाजरा का लड्डू, बाजरा का गुलगुला लोग पसंद करते हैं, क्योंकि यह खाने में स्वादिष्ट के साथ गर्माहट भी देता है।
इसी तरह चने के बेसन की रोटी व बाटी के साथ भूना खाते हैं। स्थानीय बाजार में इस समय जौ 40 रुपये प्रति किलो तो बाजरा 35 रुपये प्रति किलो, मक्का 28 रुपये, रागी 60 रुपये, ज्वार 55 रुपये और चना 73 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।
व्यापारियों रामबदन, शिव चंद्र और श्यामू का कहना है कि सर्दी में ऊर्जा और शरीर को गर्माहट देने वाले इन अनाजों की खपत हर साल बढ़ती है, लेकिन इस बार केंद्र सरकार के श्री अन्न अभियान के चलते लोगों में इनके पोषण और स्वास्थ्य लाभों को लेकर विशेष जागरूकता देखने को मिल रही है।
मोटे अनाज स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. बद्री विशाल अग्रवाल ने बताया कि मोटे अनाजों के सेवन से स्वास्थ्य को काफी लाभ मिलता है। बाजरा में आयरन, कैल्शियम और फाइबर से पाचन सुधारता है। यह हीमोग्लोबिन बढ़ाता है और शरीर को गर्माहट देता है। मक्का विटामिन-ए और फोलिक एसिड से युक्त, दिल के मरीजों के लिए लाभकारी और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में सहायक होता है। ज्वार वजन नियंत्रण, कब्ज से राहत और हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है।