सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की लापरवाही और अनियमितता ने स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेवां और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू दोनों जगह शुक्रवार को मरीजों को घंटों इंतजार करने और बिना इलाज लौटने की स्थितियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। वार्ड बॉय के भरोसे मरीजों को दवा दी जाती है। लालबाबू, समर सिंह, चुन्नीलाल, रामदीन चौधरी, रामबदन और बाबू मिश्र ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
आकाश केसरवानी निवासी टेवां बाजार ने बताया कि पैर में चोट लगने पर वह पट्टी कराने अस्पताल पहुंचे लेकिन डॉक्टर न मिलने से लौटना पड़ा।
लाल बाबू मिश्रा ने कहा कि कान की समस्या के इलाज के लिए कई बार अस्पताल आने के बावजूद डॉक्टर अनुपस्थित रहे। इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू में शुक्रवार को ओपीडी का हाल यह रहा कि डॉक्टर निर्धारित समय से डेढ़ घंटे बाद पहुंचे, जबकि महिला चिकित्सक एक घंटे की देरी से आईं। मरीज सुबह से इलाज के लिए लाइन में बैठे रहे।
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के कारण व्यवस्था बिगड़ रही है। वर्तमान में अस्पताल में दो महिला, दो पुरुष और अधीक्षक सहित कुल पांच डॉक्टर कार्यरत हैं, जबकि आवश्यकता सात डॉक्टरों की है। उन्होंने बताया कि डॉ. सुधीर सिंह का हाल ही में मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरण हुआ है जिससे कार्यभार और बढ़ गया है। शुक्रवार को ड्यूटी पर लगाए गए डॉ. सुधीर कुमार (पीएचसी कोखराज) भी ओपीडी में डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने कहा कि टेवां और सिराथू दोनों ही अस्पतालों में डॉक्टरों की अनियमित उपस्थिति से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सीएमओ से तत्काल सुधार करने की मांग की है, ताकि सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पटरी पर लौट सके।
टेवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर के अनुपस्थित रहने की शिकायत मिली थी। मामले की जांच के बाद संबंधित चिकित्सक का एक दिन का वेतन रोका गया है। सिराथू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की देरी से पहुंचने की जानकारी मिली है। इसकी जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. पीएन यादव को भेजा गया है और उनसे आख्या (रिपोर्ट) मांगी गई है। लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ संजय कुमार, सीएमओ
सिराथू सीएचसी में डॉक्टर का इंतजार करते मरीज। संवाद