यमुना का जलस्तर पूरी तरह से कम होने के बाद मंझनपुर-चित्रकूट मार्ग पर स्थित महेवाघाट के पास यमुना नदी पर फोरलेन पुल का निर्माण शुरू हो गया है। श्रीराम वन गमन मार्ग के तहत ही इसका निर्माण हो रहा है। हाईवे के अन्य कार्यों के साथ वर्ष 2026 तक यह बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद पुल से आवागमन और भी अधिक सुविधाजनक होगा।
करीब चार हजार करोड़ की लागत से 147 किमी लंबा फोरलेन हाईवे के लिए श्रीराम वन गमन मार्ग बनाया जा रहा है।अब तक कार्यदाई संस्था ने नौ कोठी (खंभे) का कार्य पूरा कर लिया है। यमुना नदी के जलस्तर कम होने के बाद से दो दिन से पुल निर्माण के कार्य को तेजी से किया जा रहा है।
57 किलोमीटर हाईवे कौशाम्बी जनपद में पड़ रहा है। यह हाईवे शृंग्वेरपुर से जनपद में प्रवेश करके मूरतगंज, रोही, कादीपुरओसा, टेवां, महेवाघाट, सरसवां और राजापुर होते हुए चित्रकूट जाएगा। मूरतगंज से लेकर चित्रकूट तक अभी टू-लेन सड़क थी। महेवाघाट में यमुना नदी पर पुल भी टू-लेन का था।
ऐसे में इस मार्ग पर ट्रैफिक के अनुरूप यह पुल पर्याप्त नहीं था। अब श्रीराम वन गमन मार्ग के साथ यहां फोरलेन पुल भी बनाया जा रहा है। शासन से हाईवे को तैयार करने के लिए वर्ष 2026 तक का वक्त मिला है। इस दौरान हाईवे की सड़क के साथ ही यमुना नदी का यह पुल भी बनकर तैयार हो जाएगा।
त्योहारों पर जाम के कारण चलना है दूभर
पश्चिम शरीरा। बैरागीपुर के आशीष कुमार, रायपुर के रामसेवक त्रिपाठी और सरसवां के कल्लू करवरिया का कहना है कि मंझनपुर-चित्रकूट मार्ग पर बड़ी संख्या में बालू और गिट्टी के ट्रकों का आवागमन होता है। कई प्रदेशों के लोग चित्रकूट होकर कौशाम्बी और प्रयागराज जाते हैं। ऐसे में यमुना पुल पर अक्सर जाम लगा रहता है। अमावस्या पर चित्रकूट और कार्तिक पूर्णिमा पर राजापुर में मेला लगता है। बड़ी संख्या में लोग इनमें शामिल होने जाते हैं। इस तरह विशेष अवसरों पर ट्रैफिक और भी बढ़ जाता है। मुसाफिरों का पुल से निकालना मुश्किल रहता है। नया पुल बनने से आवागमन में सुविधा होगी।
पुल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। अभी पानी के बाहर के सभी पिलर पर एक साथ निचले स्तर पर काम चल रहा है। इसके बाद अंतिम रूप से काम होगा। सड़क निर्माण के बाद भी पिलर को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। छह माह से अधिक समय नहीं लगेगा।- हरवंश सिंह एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, नोडल नेशनल हाईवे डिवीजन