मेडिकल कॉलेज में मरीज का इलाज करते डॉ. संजीव सिंह। संवाद
कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। खासकर कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग ठंड की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। चेस्ट फिजिशियन डॉ. संजीव सिंह बताते हैं कि अचानक बढ़ी ठंड, घना कोहरा और दिन में तापमान के उतार-चढ़ाव से शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई मरीज सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न और गले में खराश की शिकायत लेकर अस्पताल आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में लापरवाही गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम ठंडी हवा से बचने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है। साथ ही गर्म भोजन करने, पर्याप्त तरल पदार्थ लेने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर परामर्श लेने की अपील की गई है।