जिले के सभी कस्बों और गांवों की बस्तियों में बांस, बल्लियों के सहारे खींचकर घरों तक पहुंचाए गए बिजली के तारों से जल्द निजात मिलेगी। बिजली विभाग ने कर्मचारियों को लगाकर सर्वे कराकर रिपोर्ट मांगी है।
जिले में दो नगर पालिका परिषद, आठ नगर पंचायत सहित 451 ग्राम पंचायतें हैं। कई स्थानों पर लोग बस्तियों से अलग मकान बनवाकर रह रहे हैं। इनके घरों तक करीब सौ से दो सौ मीटर दूर से बांस बल्लियों के सहारे केबल खींचकर काम चलाया जा रहा है।
मंझनपुर के विकास कुमार, सूरज, आकाश आदि ने बताया कि बारिश और तेज हवाओं के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है। बांस, बल्लियों के सहारे खिंचीं लाइनें जरा सी हवा में झूलने लगती हैं। इससे फॉल्ट हो जाता है और बिजली गुल हो जाती है। कई बार इन झूलते तारों के संपर्क में आकर दुर्घटनाएं भी हुई हैं।
विभाग ने सातों एसडीओ सहित 42 उपकेंद्रों के अवर अभियंताओं को अपने क्षेत्रों का सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। कनैली निवासी अनुज कुमार, मोहित, राजू और अवधेश कुमार, उदहिन निवासी रिंकू, मनोज, सुरेश आदि का कहना है कि बिजली के खंभे बदले जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में हादसों में कमी आएगी।
वहीं म्योहर के रामदास, उमेश आदि ने बताया कि उनके गांव में सालों से लकड़ी की बल्लियों के सहारे बिजली के तार खींचे गए हैं। अब राहत मिलने की उम्मीद है।
यह सर्वे उन स्थानों का किया जा रहा है जहां बांस-बल्लियों के सहारे लोग तार खींचकर घरों तक ले गए हैं। इसके लिए सभी एसडीओ को निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद स्वीकृति के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। बजट मिलते की काम शुरू कर दिए जाएगा।
रामकुमार कुशवाहा, अधिशासी अभियंता विद्युत