सिराथू। कस्बे में किराए का मकान लेकर रह रहे एक निजी टेलीकॉम कंपनी के इंजीनियर की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह कमरे के अंदर बेड के नीचे इंजीनियर की लाश पाई गई। परिजनों को खबर करने के साथ ही पुलिस ने पंचनामा भरकर लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर थानांतर्गत नरोत्तमपुर निवासी सुरेश चंद्र (35) एक निजी टेलीकॉम कंपनी में इंजीनियर था। सुरेश कौशाम्बी के साथ ही फतेहपुर जनपद का भी काम देखते थे। यहां वह सिराथू कस्बे में बृजेश पटेल का मकान किराए पर लेकर अकेले ही रहते था। बताया जा रहा है कि बुधवार की सुबह नौ बजे तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर मकान मालिक ने आवाज लगाई। भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं होने पर बृजेश को अनहोनी की आशंका हुई। इस पर उन्होंने सैनी कोतवाली पुलिस को जानकारी दी। सूचना के बाद पहुंची कोतवाली पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो इंजीनियर का शव बेड के नीचे पड़ा मिला।
पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद घटना की जानकारी इंजीनियर के घर वालों को दी। खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते हुए परिजन कौशाम्बी आ गए। कोतवाल का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर घटना की जांच-पड़ताल की जा रही है।
गंगा में तैरती मिली युवक की लाश, शिनाख्त नहीं
सिराथू। कड़ा के हनुमान घाट पर बुधवार की सुबह एक युवक का शव गंगा में उतराता हुआ मिला। किसी संक्रमित की लाश होने की आशंका को लेकर वहां मौजूद लोग सहम गए। सूचना के बाद पहुंची कोतवाली पुलिस की कवायद के बाद भी लाश की पहचान नहीं हो सकी। बाद में नगर पंचायत कड़ा धाम के कर्मचारियों ने पीपीई किट पहनकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
कोरोना की दूसरी लहर में तमाम मौतें हो रही हैं। इनमें कोविड पीड़ितों के साथ ही दूसरी अन्य बीमारियों से ग्रसित लोग शामिल हैं। बड़ी संख्या में हो रही मौतों के बाद तमाम लाशें गंगा-यमुना में प्रवाहित कर दी र्गइं या फिर रेती में दफन कर दी गईं। इसी बीच बुधवार की सुबह कड़ा कोतवाली के हनुमान घाट स्थित पीपे के पुल के पास एक युवक का गंगा में उतराता हुआ शव दिखा। इसकी जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव किसी कोविड पीड़ित के होने की आशंका में कोई भी उसे नदी से बाहर निकालने के लिए नहीं तैयार हो रहा था। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थानीय मल्लाहों की मदद से लाश बाहर निकलवाई। शव की पहचान नहीं हो सकी। जानकारी मिलने पर अधिशाषी अधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने नगर पंचायत कर्मियों को पीपीई किट पहनाकर हनुमान घाट पर ही शव का दाह संस्कार कराया।