क्षेत्र के तरनी गांव में रविवार भोर संदिग्ध हालात में फंदे से लटकता किशोर का शव मिला। परिजनों ने शव देखा तो रोना-पिटना मच गया। रविवार भोर में ही परिजनों ने शव को फंदे से उतारा और बिना पुलिस को जानकारी दिए अंतिम संस्कार कर दिया।
तरनी गांव निवासी दशरथ लाल राजगीर हैं। उनके तीन बेटों में दूसरे नंबर के 17 वर्षीय बेटे हरिश्चंद्र का शव रविवार भोर फंदे से लटकता मिला। परिजनों ने बताया कि शनिवार रात करीब दस बजे परिवार के सभी लोग खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। हरिश्चंद्र भी अपने कमरे में सोने चला गया। सुबह जब रोज की तरह मां उठाकर बेटे को जगाने पहुंची तो उसका शव फंदे से लटकता मिला।
बेटे का शव देखकर वह बदहवास हो गई और चीखने लगी। शोर सुनकर परिवार व आसपास के लोग जमा हो गए। लोगों ने शव को फंदे से उतरा और पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार कर दिया। इंस्पेक्टर वीर प्रताप सिंह का कहना है कि फिलहाल मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत आने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।