सरायअकिल कस्बे में भागवत कथा सुनाते धनंजय जी महाराज।संवाद
शिवशक्ति धाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास धनंजय महाराज ने ध्रुव चरित्र, कपिल गीता, सती चरित्र और भारत चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि बालक ध्रुव मात्र पांच वर्ष की आयु में मां की डांट से आहत होकर भगवान की साधना के लिए जंगल चले गए। मार्ग में महर्षि नारद के समझाने पर भी उनका अटल संकल्प नहीं डिगा।
नारद जी ने उन्हें मंत्र देकर साधना के लिए प्रेरित किया। ध्रुव की तपस्या से संपूर्ण सृष्टि प्रभावित हुई। जिसके बाद भगवान विष्णु ने उन्हें दर्शन दिए। कथा व्यास ने भक्त प्रह्लाद की अमिट भक्ति का भी वर्णन किया, जिसमें भगवान ने नृसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध कर अपने भक्त की रक्षा की। इस माैके पर राजेश कुमार मिश्रा, गोपाल जी केशरवानी, अनिल सिंह, काव्या, ओम, अविका, तन्मय, आराध्य आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।