विशेष न्यायाधीश पाक्सो अरविंद कुमार द्वितीय की अदालत ने मंगलवार को मासूम बच्चे से कुकर्म के आरोपी को पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अदालत ने जुर्माने की राशि वसूल होने पर 70 फीसदी रकम पीड़ित परिवार को मुहैया कराने का भी आदेश दिया है।
महेवाघाट कोतवाली इलाके के एक गांव में 17 जनवरी 2015 को पांच वर्षीय बच्चा अपने दरवाजे पर खेल रहा था। इसी दौरान सन्नाटा देख अंदावां गांव निवासी इंद्रजीत विश्वकर्मा उसे अपने घर उठा ले गया। आरोप है कि इंद्रजीत ने उसके साथ कुकर्म किया। बच्चे की हालत बिगड़ने पर कुकर्मी घर के बाहर छोड़कर भाग गया। खून से लथपथ बच्चे को परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराने के बाद अगले दिन महेवाघाट थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया।
विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाक्सो अरविंद कुमार द्वितीय की अदालत में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र त्रिपाठी ने पर्याप्त साक्ष्य और गवाहों को प्रस्तुत कर आरोपी को सजा दिलाए जाने की पैरवी की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के साथ ही पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन कर कोर्ट ने मंगलवार को अपना फैसला सुना दिया।