मंझनपुर। कौशाम्बी जिला कचहरी में रविवार को मेगा लोक अदालत लगाई गई थी। इसमें कुल 1003 पुराने मुकदमों का निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 57 लाख 29 हजार रुपये से अधिक की राशि का प्रतिकर भी दिया गया। साथ ही उत्तराधिकार के प्रमाणपत्र भी निस्तारित किए गए। लोक अदालत ने दाम्पत्य कटुता के 16 मामलों का भी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को कौशाम्बी कचहरी में आयोजित मेगा लोक अदालत में जनपद एवं सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार ने एक मोटर दुर्घटना वाद का निस्तारण करते हुए 35 हजार रुपये प्रतिकार प्रदान कराया। वहीं अपर जनपद न्यायाधीश संजय कुमार मलिक और राम किशोर शुक्ला ने 15-15 मुकदमों का निस्तारण करते हुए 58 हजार 500 रुपये अर्थदंड की वसूली की।
इसी तरह से परिवार न्यायालय द्वारा 16 मुकदमों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। वहीं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहनलाल ने 450 मुकदमों का निस्तारण करते हुए 95 हजार 975 रुपये अर्थदंड वसूला। सिविल जज सीनियर डिवीजन सुरजन सिंह ने 23 मुकदमों का निस्तारण करते हुए 2600 रुपये अर्थदंड की वसूली की। न्यायिक मजिस्ट्रेट लालबाबू यादव ने 17 मुकदमों का निस्तारण करते हुए 4650 रुपये का अर्थदंड वसूल किया।
वहीं मंझनपुर, चायल और सिराथू के एसडीएम और तहसीलदारों ने 238 और बैंक की ऋण वसूली के 225 मुकदमों का निस्तारण किया। लोक अदालत में सिविल जज सीनियर डिवीजन ने उत्तराधिकार वाद को निस्तारित करते हुए 2 लाख 68 हजार 948 रुपये का प्रमाणपत्र भी निर्गत किया।