दस साल पहले चरवा कोतवाली इलाके की एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को अदालत ने दोषी माना। कोर्ट ने युवक को 10 साल कठोर कारावास व 11 हजार अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया। अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद दुष्कर्मी को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया है।
अभियोजन के मुताबिक चरवा कोतवाली इलाके की एक महिला ने 16 जून 2012 को चरवा थाने के हरदुआ गांव निवासी महंत सिंह के खिलाफ अपनी 13 वर्षीय पोती के साथ दुष्कर्म करने का केस दर्ज कराया था। महिला का कहना था उसकी बहू की मौत हो जाने के बाद पोती उसी के साथ रहती है। उसके बेटे ने दूसरी शादी कर ली थी। इसका फायदा उठाते हुए आरोपी ने पोती के साथ दुष्कर्म किया।
मामले की किसी से शिकायत करने पर पोती को जान से मारने की धमकी दी। पोती के गर्भवती हो जाने पर घटना की जानकारी हुई। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई अपर जिला जज सप्तम नीरज कुमार उपाध्याय की अदालत में चली।
शासकीय अधिवक्ता शशांक खरे ने छह लोगों की गवाही कराते हुए आरोपी को सख्त सजा दिए जाने की वकालत की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शनिवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने महंत सिंह को 10 साल कठोर कारावास व 11 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद दुष्कर्मी को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।