मंझनपुर। दिन और रात के तापमान में आ रही भारी गिरावट की वजह से मौसम लोगों पर कहर बरपा रहा है। घर-घर लोग बीमार पड़े हैं। मौसम के बदले मिजाज की वजह से सर्दी, जुखाम, बुखार के अलावा हार्ट अटैक, लकवा (स्ट्रोक) के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। खुद सरकारी अस्पताल के आंकड़े गवाह हैं कि जिले में एकाएक मरीजों की संख्या में अचानक बीस फीसदी इजाफा हो गया है।
जिला अस्पताल में आमतौर पर रोजाना की ओपीडी आठ से नौ सौ के बीच हुआ करती है। जो इस वक्त एक हजार के पार कर रही है। सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, जुखाम और बुखार के आ रहे हैं। अस्पताल में फिजीशियन डॉ. सुरभि और डॉ. संजीव सिंह पोस्ट हैं। इसके बाद भी मरीजों की भीड़ बढ़ने पर एमरजेंसी के डॉ. विवेक केसरवानी मरीजों का इलाज करते हैं। आयुष के चिकित्सक डॉ. इरशाद को भी डॉ. सुरभि के लिए लगाया जाता है।
तापमान में गिरावट से दिक्कत
मंझनपुर। दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट की वजह से बीमारी की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों का मानना है कि दिन में गर्मी रहती है और देर रात अचानक मौसम सर्द हो जाता है। इससे लोग बदलते तापमान के साथ सामंजस्य नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें बीमारी जद में ले रही है।
स्ट्रोक के मरीजों की बढ़ी संख्या
मंझनपुर। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विवेक केसरवानी का कहना है कि मौसम का यह मिजाज लोगों को स्ट्रोक का शिकार बना रहा है। हार्ट अटैक, लकवा, ब्रेम हैमरेज के मरीज भी आ रहे हैं। यह बीमारी मौसम की वजह से बढ़ी है।
इनके लिए घातक है मौसम
मंझनपुर। यह मौसम खासकर बुजुर्ग और बच्चों के लिए सबसे ज्यादा घातक हं। खासकर जिन लोगों को हार्ट की समस्या हों, वह विशेष सावधानी बरतें। छोटे बच्चे को चादर से ढककर सुलाए। सुबह और शाम के वक्त निकलने के दौरान विशेष सावधानी रखे।
क्या कहते हैं सीएमएस
पिछले चार दिनों से मौसम में बदलाव के चक्कर में सिजनल बीमारियां बढ़ी है। सर्दी, जुखाम, बुखार के अलावा स्ट्रोक के मरीज बढ़ें हैं। जिला अस्पताल की औसत ओपीडी में बीस फीसद मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ हैं।
डॉ. दीपक सेठ, सीएमएस जिला अस्पताल