सरायअकिल के नंदा का पुरवा घाट पर मंगलवार सुबह दोस्तों संग यमुना नहाने गया किशोर गहरे पानी में डूब गया। स्थानीय मल्लाहों ने नदी में जाल डालकर एक घंटे की मशक्कत के बाद किशोर का शव बाहर निकाला। सूचना पर आई पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
धवई मजरा पुरखास गांव निवासी किसान श्यामबाबू त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार सुबह उनका छोटा बेटा रितेश त्रिपाठी (16) अपने दोस्त रिंकू तिवारी व विष्णु सनातनी के साथ बाइक से नंदा का पुरवा घाट पर यमुना नहाने गया था।
सुबह आठ बजे वहां पहुंचने पर बेटे रितेश के दोस्त नदी किनारे शौच क्रिया करने लगे। जबकि, रितेश अकेले यमुना में नहाने लगा। रितेश के दोस्तों के मुताबिक नहाने के दौरान वह गहरे पानी में डूब गया। दोस्तों ने बचाव के लिए चीखना चिल्लाना शुरू किया तो आसपास मौजूद नाविक तुरंत मौके पर आ गए।
मल्लाहों ने डुबकी लगाकर उसे खोजने का प्रयास किया। खबर सुन बदहवास परिजन रोते-बिलखते घाट पहुंच गए। मल्लाहों ने डोंगी के सहारे नदी में जाल डालकर एक घंटे में उसे खोज निकाला। लेकिन तब तक रितेश की मौत हो चुकी थी।
रितेश की मौत से मां निर्मला समेत घर-परिवार के अन्य सदस्यों की रो-रोकर हालत खराब है। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम भेजा गया है, परिजनों ने किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया है।
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तीनों दोस्तों में थी गहरी दोस्ती, एक दिन पहले ही बनाया था यमुना नहाने का प्लान
यमुना में डूबे रितेश के दोस्त विष्णु सनातनी और रिंकू तिवारी ने बताया कि तीन सालों से उनकी गहरी दोस्ती थी। तीनों हमेशा साथ रहते थे। सोमवार शाम को पुरखास में मिलने के दौरान रितेश ने ही यमुना नहाने का प्लान बनाया था। प्लान के मुताबिक ही तीनों लोग सुबह सुबह यमुना घाट पर गए थे। यदि उन्हें पता होता कि रितेश की डूबने से मौत हो जाएगी तो शायद वह उसे रोक लेते।
धवई गांव में रितेश त्रिपाठी की मौत पर गमजदा परिजन। संवाद