कोखराज के संदीपन गांव स्थित गंगा नदी में साथियों संग बुधवार सुबह स्नान करने गया किशाेर डूब गया। एसडीआरएफ ने करीब नौ घंटे की मशक्कत के बाद शाम छह बजे उसके शव को बाहर निकाला। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के बाद कानूनी औपचारिकता पूरी की।
क्षेत्र के भरवारी कस्बा स्थित शिशु मंदिर काॅलोनी मोहल्ला निवासी जगदीश गुप्ता की दो साल पहले मौत हो चुकी है। उनकी पत्नी रीता घर के अगले हिस्से में छोटी सी किराना की दुकान चलाती हैं। बड़ा बेटा प्रियांशू देहरादून की प्राइवेट कंपनी में काम करता है। जबकि दूसरे नंबर का बेटा अंकित घर पर रहता है।
सबसे छोटा बेटा 18 वर्षीय निखिल भी हाईस्कूल की पढ़ाई के बाद प्रयागराज में मोबाइल की दुकान में काम करता था। कुछ दिन पहले ही निखिल घर लौटा था। मां रीता ने बताया कि बुधवार को वह इंटरसिटी ट्रेन से प्रयागराज जाने के लिए घर से निकला, लेकिन ट्रेन आधे घंटे देरी से आने की जानकारी मिलने पर वह अपने साथी रोहित गुप्ता व सत्यम पटेल के साथ गंगा स्नान करने संदीपन गांव चला गया।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे स्नान करते समय अचानक निखिल नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच गहरे पानी में डूबने लगा। साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की तो वह भी डूबने लगे। इस बीच घाट किनारे रहे गोताखोरों ने सत्यम व रोहित को तो बचा लिया, लेकिन निखिल डूब गया। जानकारी होने पर रोते-बिलखते परिजन भी पहुंच गए।
पुलिस ने गोताखोरों की मदद से जाल डलवाकर उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इस बीच मिर्जापुर से आई एसडीआरएफ की टीम ने काफी प्रयास के बाद शाम करीब छह बजे शव को करीब 50 मीटर दूर पर उतराते हुए देखकर निकाला। मौके पर पहुंचे सीओ सिराथू सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि परिजनों से पूछताछ के बाद कानूनी औपचारिकता पूरी की गई हैं।
मृतक निखिल गुप्ता की फाइल फोटो।