नगर में लाखों रुपये की लागत से बनाया गया वाहन स्टैंड शोपीस बनकर रह गया है। टैक्सी और ई-रिक्शा चालक अपने वाहनों को स्टैंड की बजाय मुख्य चौराहे पर ही खड़ा कर सवारी भरते हैं।
इससे चौराहे पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसका असर राहगीरों के साथ-साथ आसपास के व्यापारियों पर भी पड़ रहा है।
व्यापारियों ने प्रशासन से वाहन स्टैंड का नियमित संचालन कराने और चौराहे से अवैध वाहन पड़ाव हटाने की मांग की है।
चौराहे पर लगातार वाहनों के खड़े रहने से ग्राहकों को दुकान तक पहुंचने में परेशानी होती है। कई बार जाम के कारण लोग बाजार आने से बचते हैं। यदि वाहन स्टैंड का सही तरीके से संचालन कराया जाए। वाहनों को स्टैंड में खड़ा कराया जाए। बाजार की व्यवस्था भी सुधरेगी और व्यापार पर पड़ रहा असर भी कम होगा।
सौरभ अग्रहरि, दुकानदार
एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा और ऑटो खड़े होने से जाम लग जाता है। इससे ग्राहक दुकानों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते और व्यापार प्रभावित होता है। यदि वाहन लगातार चलते रहें और निर्धारित स्टैंड का उपयोग करें तो जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।
अनूप कुमार, कपड़ा व्यवसायी
दुकानों के सामने ऑटो और ई-रिक्शा खड़े रहने से दुकानदारी प्रभावित होती है। इन्हीं वाहनों से राहगीर उनकी दुकान पर भी पहुंचते हैं। इसलिए व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि यातायात भी सुचारू रहे और व्यापारियों को भी नुकसान न उठाना पड़े।
अलताब, दुकानदार
ईओ का वर्जन:
वाहन स्टैंड का नियमित संचालन सुनिश्चित कराया जाएगा। चौराहे पर अव्यवस्थित ढंग से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
प्रतिभा सिंह,अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका मंझनपुर।
मंझनपुर में खाली पड़ा वाहन स्टैंड। संवाद
मंझनपुर में खाली पड़ा वाहन स्टैंड। संवाद
मंझनपुर में खाली पड़ा वाहन स्टैंड। संवाद
मंझनपुर में खाली पड़ा वाहन स्टैंड। संवाद