सिराथू ब्लॉक के कसिया पश्चिम गांव में खराब पड़ा हैंडपंप। संवाद
जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने का दावा सिराथू ब्लॉक में अधूरा नजर आ रहा है। ब्लॉक की 79 ग्राम पंचायतों में से अब तक केवल 15 गांवों में ही टंकियों से पानी की सप्लाई शुरू हो सकी है। वहीं करीब ढाई सौ हैंडपंप खराब पड़े होने से ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
सिराथू विकासखंड में पेयजल व्यवस्था के लिए कुल 4,845 हैंडपंप लगाए गए हैं। सरकारी अभिलेखों में केवल 26 हैंडपंप खराब बताए जा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग हर गांव में चार से पांच हैंडपंप खराब पड़े हैं।
चार साल पहले जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पानी टंकियों का निर्माण शुरू कराया गया था, लेकिन अधिकांश योजनाएं अब भी अधूरी हैं। ब्लाॅक क्षेत्र के तुलसीपुर, गंभीरा पूरब और राघवपुर समेत कई गांवों में पाइपलाइन लीकेज और सप्लाई व्यवस्था अधूरी होने से घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
ग्रामीण राकेश कुमार पांडे, प्रभास कुमार और प्रभाशंकर का कहना है कि जल जीवन मिशन के चलते नए हैंडपंप लगाने पर रोक है, लेकिन टंकियों से सप्लाई भी शुरू नहीं हो सकी। इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
खराब हैंडपंपों की मरम्मत और रीबोर के लिए सचिवों को निर्देश दिए गए हैं। जल जीवन मिशन की अधूरी योजनाओं को जल्द पूरा कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। -भावेश कुमार शुक्ला, खंड विकास अधिकारी
सिराथू ब्लॉक के कसिया पश्चिम गांव में खराब पड़ा हैंडपंप। संवाद