भवंस मेहता महाविद्यालय भरवारी में शनिवार को गोल्डन जुबली दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित रहे। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने महाविद्यालय परिसर में रत्नावली सभागार का उद्घाटन, महात्मा बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण व इंटरनेशनल बौद्धिस्ट स्टडी एंड रिसर्च सेंटर की नींव भी रखी। उनके साथ सूबे की महिला समाज कल्याण एवं पर्यटन मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी भी रहीं।
भवंस मेहता महाविद्यालय में शनिवार को स्थापना के पचास साल पूरे होने पर गोल्डन जुबली दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ढाई घंटे देर से पहुंचे तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने महाविद्यालय परिसर में नवनिर्मित रत्नावली सभागार का उद्घाटन किया। इसके बाद परिसर में महात्मा बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण व इंटरनेशनल बौद्धिस्ट स्टडी एवं रिसर्च सेंटर की नींव रखी। राज्यपाल मंच पर पहुंचे तो भवंस मेहता भारतीय विद्या भवन के निदेशक पं. रामनरेश त्रिपाठी व जस्टिस डीएस सिन्हा ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके बाद महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना गीत गाते हुए समारोह की शुरुआत की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहाकि स्वामी विवेकानंद ने देश को जो संस्कृति दी थी वह आज भी विद्यमान है। देश में कई संस्कृतियां आईं और सौ दो सौ साल में गायब हो गईं। पांच सौ साल पुरानी भारतीय संस्कृति को देशवासी आज भी जिंदा रखे हैं। यह समारोह उसी संस्कृति का एक हिस्सा है। लोग ईमानदारी से काम करें तो देश के साथ-साथ संस्कृति की तरक्की भी संभव है। विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि कौशांबी उनके पिता हेमवती नंदन बहुगुणा जोशी का राजनीतिक गढ़ रहा है। यहां से उन्हें बेहद लगाव है। भवंस मेहता महाविद्यालय की जरूरत को पूरा करते हुए वह जिले को बौद्ध परिपथ में शामिल कराएंगी। इनके अलावा सदर विधायक लाल बहादुर, प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश राहुल भार्गव, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रूबी चौधरी, भवंस मेहता विद्याश्रम के प्राचार्य संजय कुमार श्रीवास्तव सहित तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे। संचालन भवंस मेहता भारतीय विद्या भवन के निदेशक पं. राम नरेश त्रिपाठी ने किया।