टेंवा स्थित जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम। संवाद
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में ताइक्वांडो सीखने की चाह रखने वाले स्थानीय बच्चों और युवाओं का सपना ट्रेनर के अभाव में टूट रहा है। लंबे समय से नियमित कोच नहीं होने से प्रतिभावान खिलाड़ियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। वहीं इस्तेमाल होने वाले उपकरण धूल फांक कबाड़ बनते जा रहे हैं।
स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने बताया कि स्टेडियम में वर्ष 2015 तक ताइक्वांडो के नियमित कोच तैनात थे, इससे खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रशिक्षण मिल रहा था। उस दौर में यहां के युवाओं ने जिला स्तर से लेकर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया था।
पुलिस लाइंस की नेहा, ओसा की आरती, टेवां टिकरी के विवेक और भेलखा के रोहित का कहना है कि स्टेडियम में ताइक्वांडो के लिए इनडोर और आउटडोर दोनों तरह के खेल की उत्तम व्यवस्था है।
स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग मैट, डोबोक, बेल्ट, चेस्ट गार्ड, हेडगियर, माउथ गार्ड, ग्रोइन गार्ड और दस्ताने समेत तमाम आवश्यक खेल सामग्रियां उपलब्ध हैं। हालांकि, मार्गदर्शन देने वाले ट्रेनर के न होने से ये सभी कीमती उपकरण बक्से में बंद धूल फांक रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि जिले में मार्शल आर्ट की प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन बिना गुरु के सब बेबस हैं।