महिला थाना पुलिस की पहल से तीन दंपतियों के रिश्ते टूटने से बच गए। उनके बीच मतभेदों को दूर करते हुए पुलिस ने उन्हें एक बार फिर साथ रहने को राजी कर लिया। मंगलवार को उन्हें महिला थाने से एक साथ विदा किया गया। एक हफ्ते बाद सभी को फीडबैक देने के लिए बुलाया गया है।
करारी कोतवाली के भैला मकदूमपुर गांव की सिरीन बानो की शादी पांच साल पूर्व मंझनपुर कोतवाली के बाजापुर गांव के मोनिस के साथ हुई थी। सिरीन के दो बच्चे है। उसने महिला थाना में शिकायत की थी कि मोनिस उस पर मायके में फोन से बात करने पर शक करता है। आए दिन उसे पीटता है।
सोमवार को भी उसने उसने उसे पीटा था। अब वह उसके साथ नहीं रहना चाहती। इसके बाद दोनों पक्ष को थाने बुलाया गया। एसओ नीलम राघव ने मुख्य आरक्षी शशिमा सिंह व आरक्षी विद्या यादव के साथ बैठकर दोनों पक्ष को समझाया। पहले तो सिरीन उसके साथ न रहने की जिद पर अड़ी थी। थोड़ी देर बाद मोनिस ने अपनी गलती का अहसास किया।
दोबारा मारपीट न करने के वादे के साथ मोनिस के क्षमा मांगने पर सिरीन ने माफ कर दिया। भविष्य में मारपीट न करने के वादे के साथ दोनों साथ रहने को तैयार हो गए।
इसी तरह मंझनपुर कोतवाली के देवरा गांव के रजनीश की शादी पांच साल पूर्व महिमा देवी के साथ हुई थी। महिमा के दो बच्चे हैं। महिमा का आरोप है कि थोड़ी-थोड़ी बात में पति उसके साथ मारपीट करता है। दोनों पक्ष को समझाकर घर भेज दिया गया है।
करारी कोतवाली के भैला मकदूमपुर गांव की सुशीला की शादी दो साल पूर्व कोखराज के मनोज कुमार के साथ हुई थी। सुशीला का एक बच्चा है। महिला का आरोप है कि मनोज कुछ गलत दोस्तों के संगत में नशा करने लगा है। नशे में वह मारपीट करता है। दोनों पक्ष को बुलाकर सुलह समझौता कराकर घर भेज दिया गया। एक हफ्ते बाद फीडबैक देने के लिए सभी को फिर से थाने बुलाया गया है।
मामूली बात पर अक्सर दंपतियों के बीच लड़ाई-झगड़ा व मारपीट हो जाता है। स्थिति संबंध विच्छेद तक पहुंच जाता है। यदि बैठकर इन्हें प्यार से पति-पत्नी के बीच रिश्तों के बारे में समझाया जाए तो काफी हद तक मामले में सुलह हो जाता है। -नीलम राघव, महिला थाना अध्यक्ष